शिमला के चियोग बाजार में लगी आग
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ठियोग उपमंडल के तहत आने वाले चियोग बाजार में शनिवार रात भीषण अग्निकांड में 13 दुकानें और चार घर जलकर राख हो गए। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान होने का अनुमान है। दुकानें बंद कर दी गई थीं, जिसके बाद आग लगी। इस कारण दुकानदारों को सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। आग कैसे लगी, इसका खुलासा नहीं हो पाया। पुलिस इसकी जांच कर रही है। ठियोग थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है।
रात 9:00 बजे लगी आग पर चार घंटे बाद देर रात 1:00 बजे काबू पाया जा सका। 12 किलोमीटर दूर ठियोग से दो घंटे देरी से एक दमकल वाहन पहुंचा। इससे लोगों में दमकल विभाग के प्रति रोष देखा गया। आग बुझाते हुए उस वाहन में भी पानी खत्म हो गया तो फिर शिमला से अग्निशमन वाहन पहुंचा। तब तक पांच दुकानें जलकर राख हो चुकी थीं।
इसके बाद तीन और गाड़ी चियोग बाजार पहुंचीं, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। जिन दुकानों को आग ने अपनी चपेट में लिया, उनमें अधिकतर किराना, कपड़े, राशन और बिजली के सामान की दुकानें थीं। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में मदद की। इलाके में पानी की कमी के चलते स्थानीय लोग अपने वाहनों में पानी लाकर आग बुझा रहे थे।
उधर, एसडीएम सौरभ जस्सल ने बताया कि प्रत्येक परिवार को फौरी राहत के तौर पर 10-10 हजार रुपये के अलावा कंबल तिरपाल व खाने-पीने की सामग्री वितरित कर दी गई है। इसके अलावा किस दुकानदार का कितना नुकसान हुआ है, उसकी जानकारी ली जा रही है।
ठियोग थाना प्रभारी कुलवीर सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। दमकल विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि जैसे ही उन्हें आग लगने की सूचना मिली, कर्मचारी गाड़ियां लेकर चियोग की ओर निकले। ठियोग से चियोग मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ रात को गाड़ियां पार्क की गई थीं। इस कारण मौके पर पहुंचने में देरी हुई।