मौसम की मार झेल रहे बागवानों के लिए विशेष सहायता योजनाएं चलाए सरकार
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बागवानों को चेरी के एक बॉक्स के मिल रहे 400 रुपये तक दाम संवाद न्यूज एजेंसी कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कांगल पंचायत के लारकी गांव में चेरी का सीजन शुरू हो चुका है। क्षेत्र के बागवान इन दिनों अपनी फसल को बाजार तक पहुंचाने में जुट गए हैं। हालांकि, इस वर्ष खराब मौसम के चलते चेरी की फसल उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई है, जिससे बागवानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में चेरी की मांग लगातार बढ़ रही है और दाम में भी अच्छा उछाल देखने को मिल रहा है। बागवानों को चेरी के एक बॉक्स के 400 रुपये तक दाम मिल रहे हैं।
बागवान चुन्नीलाल अत्री ने बताया कि इस बार मौसम ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। समय पर बारिश नहीं हुई। साथ ही ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण चेरी की फसल प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि कई पेड़ों पर फल कम मात्रा में लगा, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आई है। बागवानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। चेरी उत्पादन में कमी आने से बाजार में इसकी उपलब्धता कम हुई है, लेकिन मांग लगातार बनी हुई है। अच्छी गुणवत्ता वाली चेरी को बाजार में 400 रुपये तक दाम मिल रहे हैं, जिससे कुछ हद तक बागवानों को राहत जरूर मिल रही है। लारकी क्षेत्र लंबे समय से चेरी उत्पादन के लिए जाना जाता है और यहां के कई परिवार बागवानी पर ही निर्भर हैं। हालांकि, इस गांव को सड़क सुविधा नहीं है। बागवान कम मात्रा में चेरी की फसल को बाजार तक पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहता है, तो इस बार फसल काफी बेहतर हो सकती थी। इसके बावजूद बागवान पूरी मेहनत के साथ अपनी फसल तैयार कर बाजार तक पहुंचा रहे हैं। स्थानीय बागवानों ने सरकार और बागवानी विभाग से मांग की है कि मौसम की मार झेल रहे बागवानों के लिए विशेष सहायता योजनाएं चलाईं जाएं, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।