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Rampur Bushahar News: बागीपुल-जाओं सड़क, सेब को मंडियों तक पहुंचाने का संकट

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ग्राउंड रिपोर्ट : बागवान चिंतित, सड़क को बहाल करने में देरी हुई तो फसल समय पर मंडी नहीं पहुंच पाएगी
बगीचों में सेब का तुड़ान शुरू, ढुलाई बनी बड़ी चुनौती
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)।
बागीपुल-जाओं सड़क पर भूस्खलन ने सड़क का नामो-निशान मिटा दिया है। अब क्षेत्र के बागवानों के लिए सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाना बड़ा संकट बन गया है। बगीचों में सेब का तुड़ान शुरू हो चुका है, लेकिन सड़क बंद होने से ढुलाई बड़ी चुनौती बन गई है। बागवानों ने पूरे वर्ष कड़ी मेहनत से सेब की फसल तैयार की है। अब भूस्खलन ने बागवानों की अच्छी आमदनी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बागवानों को डर है कि सड़क को बहाल करने में देरी हुई तो फसल समय पर मंडी नहीं पहुंच पाएगी। इसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। सेब की फसल को तुड़ान के बाद लंबे समय तक बगीचे में रखना संभव नहीं है। बागवान मदन, जगदीश, संजीव, राहुल, गोविंदा और जोगी सहित अन्य ने बताया कि फसल बगीचे में तैयार है। सेब तोड़ भी दिए हैं, लेकिन मंडी तक पहुंचाने का रास्ता ही नहीं बचा है। सड़क बंद होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है। इससे ढुलाई में अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान होगा। मजदूरों को बुलाने और फसल को सुरक्षित रखने में भी कई परेशानियां आ रही हैं। क्षेत्र के बागवानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बागीपुल-जाओं सड़क को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने को कहा है। बागवानों का कहना है कि सड़क को बहाल करने में जितनी देरी होगी, उनकी मुश्किलें उतनी ही बढ़ती जाएंगी। वे चाहते हैं कि सेब के मौसम के दौरान उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। बागवानों के लिए सेब केवल एक फसल नहीं, बल्कि उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा है। सालभर सेब के पेड़ों की देखभाल, खाद, दवाई, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च होता है। फसल तैयार होने के बाद उसे सही समय पर मंडी पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। बागवानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द रास्ता बहाल करेगा। इससे उनकी मेहनत से तैयार हुई फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सकेगी और उचित मूल्य मिल पाएगा।बता दें कि दो दिन पहले भारी भूस्खलन के कारण चायल गांव के पास बागीपुल-जाओं सड़क करीब 200 मीटर तक पूरी तरह तबाह हो गई है।
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क्षेत्र से सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए क्षतिग्रस्त सड़क के पास जल्द स्पैन लगा दिया जाएगा। इसके अलावा सड़क को जल्द वाहनों के लिए बहाल करने की कोशिशें भी जारी हैं। -जगदीप सिंह राठौर, एसडीएम निरमंड
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