रोहडू़। मंडियों से सेब के दाम में लगातार गिरावट और किसानों-बागवानों को सामने आ रही समस्याओं पर सोमवार को रोहडू में संयुक्त किसान बागवान मोर्चा की बैठक हुई। बैठक में सभी संगठनों ने हुंकार भरते हुए फैसला लिया कि अगर सरकार ने समस्याओं को लेकर उचित कदम नहीं उठाया तो रोहडू़ और चिड़गांव में 13 सितंबर को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने बागवानों को मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी है। मौसम की मार से भी कृषि और सेब की बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। उत्पादन घट रहा है और लागत बढ़ रही है। सरकार और एपीएमसी की अनदेखी के कारण किसानों का मंडियों में शोषण हो रहा है। सरकार बागवानों से बात करने तो तैयार नहीं है मंत्री मंडियों में आढ़तियों और लदानियों से मिलने के लिए पहुंच रहे हैं।
संयुक्त किसान मंच ने रोहडू़ क्षेत्र के किसानों और बागवानों के आठ संगठनों हिमालयन सोसाइटी फॉर डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर, पीजीए, फल उत्पादक संघ रोहडू़, छौहारा वैली एपल ग्रोवर एसोसिएशन, हिमाचल किसान सभा, नावर वैली ग्रोवर्स एसोसिएशन, मंढोल सारी ग्रोवर्स एसोसिएशन, बुशहर ग्रोवर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संयुक्त किसान मंच के हरीश चौहान, संजय चौहान, भगत सिंह ठाकुर, जय सिंह जेहटा, संजीव ठाकुर, सुखदेव चौहान, डिंपल पांजटा, संजीव ठाकुर, सुंदर नैंटा, बिहारी लाल, गोपाल चौहान, विभोर सिंह चौहान और भगवान सिंह ने बैठक में मांगों को उठाया। बैठक में किसान मंच की 20 सदस्यीय क्षेत्रीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी का संयोजक सुखदेव चौहान और सह संयोजक संजीव ठाकुर को चुना गया। डिंपल पांजटा, सुंदर नैंटा, गोपाल चौहान, भगत सिंह ठाकुर, बिहारी लाल चौहान, भगवान सिंह, विभोर सिंह, गोपाल चौहान, प्रेम रमतयान, रितेश कुमार, रवि रावत, वीर सिंह ठाकुर, सुशील चौहान, सुधीर कपटा, राजन हारटा, कुलदीप तेगटा, शमशेर सिंह, को सदस्य चुना गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बागवानी मंत्री ने उनकी मांगों पर आज तक कोई अमल नहीं किया है। सरकार अदानी और अन्य कंपनियों के दबाव में काम कर रही है। कंपनियां किसानों-बागवानों के उत्पाद के दाम अपनी मर्जी से तय करती है। इस दौरान उन्होंने मांगों को लेकर मांगपत्र सरकार के लिए भेजा है।