जगह-जगह फैला है कूड़ा-कचरा, बेतरतीब तरीकों से हो रहा भवनों का निर्माण
अवैध कब्जों पर भी अंकुश बेलगाम, नियमों को ठेंगा
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी में नगर पंचायत निरस्त होने के बाद से जहां अव्यवस्थाओं का आलम है, वहीं कस्बे में गंदगी से बुरा हाल है। कस्बे में पांच पंचायतों का अधिकार क्षेत्र होने के कारण यहां के नदी-नालों और सड़कों पर गंदगी के अंबार लग रहे हैं। सफाई व्यवस्था को ठिकाने लगाने का स्थायी समाधान न होने के कारण लोग नदी-नालों में कूड़ा-कचरा फेंक रहे हैं। हालांकि, कुछ पंचायतों ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ सफाई कर्मचारियों को नियुक्त किया है, लेकिन सुनियोजित व्यवस्था न होने के चलते व्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया जा रहा है।
कूड़े ठिकाने लगाने की उचित व्यवस्था न होने के कारण कुछ जगह नियमों को ताक में रखकर खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है। अधिकतर जगह खुले में कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं। नदी-नाले गंदगी से लबालब भरे जा रहे हैं। इन समस्याओं का नगर पंचायत ही एकमात्र स्थायी समाधान था। ऐसे में नगर पंचायत निरस्त के बाद कस्बे में सब कुछ गड़बड़ा गया है। कस्बेवासी भी लगातार सरकार से आनी को दोबारा नगर पंचायत बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि आनी कस्बे की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। नगर पंचायत निरस्त होने के बाद आनी में बेतरतीब भवनों का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। यहां बीते वर्ष आपदा में नौ मकानों के धराशायी होने के बाद भी लोगों ने सबक नहीं लिया और बिना योजना के भवनों का निर्माण हो रहा है। खड्ड किनारे यहां प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर नए बस स्टैंड के साथ डंपिंग साइट बनाई गई है, जिससे खड्ड आने पर यहां एक बार फिर तबाही का मंजर बन सकता है। भवनों का पानी हर कहीं रास्तों में बह रहा है। पार्किंग व्यवस्था न होने से लोगों ने अपने वाहन हर कहीं बेतरतीब ढंग से खड़े किए होते हैं, जिससे प्रतिदिन जाम लगने से आम जनता बेहाल है। नगर पंचायत की लगाई लाइटें चोरी हो गई हैं, जिसपर लगाम लगाने में पुलिस प्रशासन भी नाकाम साबित हुआ है। ऐसे में यहां की जनता कस्बे को जल्द नगर पंचायत बनाने की मांग उठा रही है।
कूड़ा संयंत्र लगाने के लिए साइट को खोजा जा रहा है। सफाई व्यवस्था बनाने को लेकर पांच पंचायतों के प्रधानों को कहा गया है। जल्द बैठक आयोजित की जाएगी
।- विनोद कटोच, कार्यकारी बीडीओ आनी