संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सिविल अस्पताल राेहड़ू इन दिनों चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के 15 पद खाली चल रहे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी कमी है। इस कारण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना अस्पताल प्रबंधन के लिए मुश्किल हो गया है। सिविल अस्पताल राेहड़ू में रोजाना 800 के करीब ओपीडी होती है। अस्पताल में चिकित्सकों के 31 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से 15 पद रिक्त हैं। मौजूदा चिकित्सकों में से भी कई मेडिकल लीव पर हैं। इस कारण मौजूदा चिकित्सकों पर कार्यभार बढ़ गया है।
अस्पताल में एनेस्थीसिया के चिकित्सक और जनरल सर्जन के पद आठ माह से रिक्त हैं। इस कारण अस्पताल में किसी भी तरह के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ तो है, लेकिन बिना एनेस्थीसिया चिकित्सक के अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को भी केएनएच शिमला रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन कार्य चलाने के लिए प्रतिनियुक्ति पर सप्ताह में एक बार ठियोग अस्पताल से एनेस्थीसिया के चिकित्सक को बुलाता था, लेकिन वह अस्थायी प्रबंध भी अब बंद हो गया है। इस कारण अस्पताल में किसी भी तरह से ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इससे रोहड़ू, जुब्बल, चिड़गांव, डोडरा-क्वार सहित हिमाचल की सीमा के साथ लगते उत्तराखंड के ग्राम के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। ऑपरेशन करवाने के लिए लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भारी भरकम पैसे देने पड़ रहे हैं।
अस्पताल में कुछ समय से चिकित्सकों की कमी चल रही है। अस्पताल में एनेस्थीसिया के चिकित्सक व जनरल सर्जन नहीं है। इस कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में सरकार व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
- डाॅ. रविंद्र मुखिया, एमएस, सिविल अस्पताल राेहड़ू