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किन्नौर जिले में एक दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें यातयात के लिए ठप

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किन्नौर जिले के भावावैली में हुई बर्फबारी का नजारा। -संवाद - फोटो : RAMPUR-HP
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सांगला/भावानगर(किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र जिला किन्नौर एक बार फिर से शीत लहर की चपेट में आ गया है। शनिवार को भी जिले के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फभारी का दौर जारी रहा। जबकि निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। पिछले चार पांच दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के चलते समूचा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया हैं।
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जिले के कल्पा, पूह और निचार तीनों खंडों के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4 से 6 इंच तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया हैं। वहीं पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी रिकांगपिओ सुमन नेगी ने कहा कि शनिवार को खराब मौसम के चलते फिलहाल अब तक किसी भी तरह का कोई लौंग रूट प्रभावित नहीं हुआ है। सभी रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही बराबर हो रही हैं।
जबकि वहीं जिलेभर के रिब्बा, रिस्पा, छितकुल, आसरंग, कुन्नोचारंग, नैसंग सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण रूटों पर लगातार हो रही बर्फबारी के चलते निगम की बस सेवाएं ठप हैं।
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जिले के भावानगर, निगुलसरी, चौरा, टापरी, चोलिंग और कड़छम में सुबह से ही रूक-रूक कर बारिश हो रही है। भावावैली, निचार और अन्य क्षेत्रों में भी बर्फ के फाहे पड़ रहे हैं। ठंड के कारण लोग अपने घरों में ही दुबके हुए है जिससे जिले के बाजार सुने पड़े हुए हैं।
क्षेत्र के किसान-बागवान इस बार समय-समय पर हो रही बारिश और बर्फबारी को औषधि मान रहें हैं। बागवानों का मानना है कि पर्याप्त बर्फबारी और बारिश से आगामी फसल उम्दा होगी और गर्मियों में क्षेत्र में पेयजल किल्लत नहीं होगी।
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