प्रियंका चौहान ने कहा कि अपराध को छुपाए नहीं बल्कि उसे खत्म करने के लिए कानून का सहारा लें। उन्होंने कहा कि एक बात अच्छे से समझ लें कि माता-पिता और शिक्षकों से बढ़कर जीवन में कोई दूसरा सच्चा हितैषी नहीं है, इसलिए हर बात को इनसे जरूर साझा करें। उन्होंने नशे से दूर रहने के साथ-साथ जो नशा कर रहे हैं, उसकी जानकारी उनके परिवार और शिक्षकों को देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसा करना समाज के लिए बहुत जरूरी है, सभी को यह दायित्व निभाना चाहिए।
प्रियंका चौहान ने सोशल मीडिया पर मिलने वाले प्रलोभनों से दूर रहने, फेसबुक, इंस्टाग्राम चलाते हुए सचेत रहने के अलावा इसके दुष्प्रभावों को पूरे विस्तार से साझा किया। उन्होंने दोस्त बनाते हुए दायरे को नियंत्रित करने और पुस्तकों को ही अपना दोस्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने खुद को अपमानित न होने देने और जहां अपमान का अहसास हो उससे दूर रहने का आह्वान किया। एसएचओ ने घरेलू हिंसा, महिला हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी।