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Ramkrishna Mission Ashram Controversy: भू-माफिया करोड़ों की संपत्ति हड़पने की रच रहा साजिश- तनमहिमानंद

Mon, 18 Nov 2024 06:59 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम के सचिव तनमहिमानंद ने सोमवार को शिमला में पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि यह विवाद हिमालयन ब्रह्म समाज और रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम के बीच नहीं है। यह विवाद अतिक्रमणकारियों और भूमाफिया के बीच है। पढ़ें पूरी खबर...
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रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम के सचिव तनमहिमानंद प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम में शनिवार रात हुआ बवाल करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश है। इसमें पुलिस की भूमिका भी संदेहास्पद है। रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम के सचिव तनमहिमानंद ने यह आरोप सोमवार को शिमला में पत्रकारवार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि यह विवाद हिमालयन ब्रह्म समाज और रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम के बीच नहीं है। यह विवाद अतिक्रमणकारियों और भूमाफिया के बीच है।
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इन्हें प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2011 में आदेश दिए कि वह हिमालयन ब्रह्म समाज के नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके बावजूद नाम में थोड़ा बहुत बदलाव करके संस्था के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। तत्कालीन उपायुक्त ने भी हाईकोर्ट के आदेशों पर मामले जांच की। इसके बावजूद आज तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शनिवार शाम कुछ लोग भक्त बनकर मंदिर में आए और धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। जब हमने कहा कि अब मंदिर बंद करने समय है तो उन्होंने विवाद शुरू कर दिया। कहने लगे कि यह हमारा मंदिर है और हमें मंदिर से धक्के मारकर बाहर कर दिया। इसके बाद लोग कलश स्थापना और मूर्ति स्थापना करने लगे, जिसका हमने विरोध किया। कहा कि हमने पहले सरकार में हर स्तर पर और आलाधिकारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद हमने पूर्व मुख्यमंत्री और भक्तों को फोन किया। कई भक्त पहुंचे और उन्होंने मंदिर में प्रवेश करना चाहा। इसी बीच दूसरी ओर से हमला कर दिया गया।
 

रात करीब 3:00 बजे के करीब एसपी शिमला पहुंचे और बाहर से आए लोग मंदिर से निकल गए, लेकिन पुलिस ने उनकी पहचान का रिकॉर्ड नहीं रखा। मंदिर टूटने से रामकृष्ण मंदिर मिशन आश्रम के भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। मामले की न्यायिक जांच या सीबीआई जांच करवाई जाए। आरोप लगाया कि मामले में कई बड़े नेता भी शामिल हैं। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि इससे पहले ही रामकृष्ण मिशन आश्रम के दो अध्यक्षों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है और मेरी भी हत्या करवाई जा सकती है।
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हिमालय ब्रह्म समाज के महासचिव ललित वर्मा ने बताया कि मंदिर का निर्माण 1886 में किया गया था। 1898 में ट्रस्ट बनाकर संपत्ति को हिमालय ब्रह्म समाज के नाम कर दिया गया। कहा कि हमारे यहां मस्तराम नाम का माली होता था, जिसके बेटे का नाम विशाल शर्मा है। उन्होंने 2007 में एक समानांतर ट्रस्ट बना दिया। अगर पुलिस ने समय रहते हुए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करवाई होती और शनिवार रात को बाहर से आने वाले लोगों पर कार्रवाई की गई होती तो दोनों पक्षों में पथराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती है। हैरानी जताई कि बाहर से मंदिर में घुसे लोगों की शिकायत पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है, लेकिन रामकृष्ण मिशन आश्रम और भक्तों की ओर से दी गई शिकायतों पर केस दर्ज नहीं किया गया है। हिमालयन ब्रह्म समाज की संयुक्त सचिव शैल पंडित ने कहा कि यह साजिश करोड़ों की संपत्ति को हड़पने की है। इसे देखते हुए वर्ष 2014 में रामकृष्ण मिशन आश्रम को यह संपत्ति गिफ्ट डीड की गई है।
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