समोसा विवाद पर सीआईडी ने क्या कहा?
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश राज्य गुप्तचर विभाग की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी कर स्पष्टीकरण दिया गया है। राज्य गुप्तचर विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट जारी कर बताया गया कि 21 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 1930 हेल्पलाइन डाटा सेंटर के उद्घाटन और गुप्तचर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के लिए विभाग कार्यालय का दौरा किया था। इसके उद्घाटन और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दौरे के बारे में पुलिस महानिदेशक राज्य गुप्तचर विभाग के कार्यालय में एक ब्रीफिंग सत्र हुआ।
इस सत्र के दौरान एक अधिकारी ने जलपान प्रबंधन विशेष तौर पर पर्यटन निगम और बाहर से लाई गई खाने की चीजों की तरफ ध्यान दिलाया। इसके बाद यह बात संज्ञान में आई कि मुख्यमंत्री को कुछ खाद्य सामग्री नहीं परोसी गई। इस पर गुप्तचर विभाग के पुलिस महानिदेशक संजीव रंजन ओझा ने यह पता लगाना चाहा कि वह खाने की चीज भोजन की सूची से कैसे गायब हो गई। गुप्तचर विभाग का कहना है कि यह हिमाचल प्रदेश सीआईडी का आंतरिक मामला है और सीआईडी विभाग एक अनुशासित संगठन है। सीआईडी की ओर से कहा गया है कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार का कोई लेना देना नहीं है।