मौजूदा समय में कांगड़ा एयरपोर्ट का संचालन विजुअल फ्लाइट रूल्स (वीएफआर) के तहत हो रहा है, जिसके लिए उड़ान संचालन के लिए न्यूनतम दृश्यता 5 किलोमीटर होनी चाहिए। कम दृश्यता की स्थिति में हवाई उड़ानों का सुरक्षित संचालन करने के लिए न्यूनतम दृश्यता मापदंड को वर्तमान 5 किलोमीटर से घटाकर 2.5 किलोमीटर करने के लिए विशेष वीएफआर के प्रावधान पर भी चर्चा की गई। बैठक में कुल्लू और शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा कांगड़ा एयरपोर्ट की तर्ज पर सीआईएसएफ के स्थान पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपने पर भी विचार करने का भी आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू गत जुलाई में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से भी हिमाचल में हवाई सेवाओं के विस्तार का मामला उठा चुके हैं। प्रधान सचिव पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन देवेश कुमार ने बताया कि बैठक में हिमाचल में हवाई सेवाओं के विस्तार पर एयरपोर्ट अथाॅरिटी के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है। हवाई अड्डों के रनवे विस्तार, नाइट लैंडिंग शुरू करने सहित फ्लाइट की संख्या बढ़ाने पर विचार विमर्श किया गया है। एयरपोर्ट अथाॅरिटी के अधिकारियों ने भी हमें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया है