स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से वीरवार को जारी पत्र में कहा गया कि निदेशालय के संज्ञान में आया है कि कुछ जिला उपनिदेशक शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के लिए राज्य के बाहर भेज रहे हैं, जबकि इसके लिए अनिवार्य रूप से निदेशालय की अनुमति आवश्यक है। बिना अनुमति शिक्षक बाहरी राज्यों में भेजे जा रहे हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पत्र में कहा कि एक शैक्षणिक वर्ष में 220 टीचिंग डेज पूरे करना अनिवार्य है, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। जब शिक्षक स्कूल से बाहर रहते हैं, तो पढ़ाई बाधित होती है और इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है।
निदेशक ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में शिक्षकों की स्कूल में नियमित उपस्थिति बेहद जरूरी है। निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी शिक्षक या शिक्षकों के समूह को बाहरी राज्यों में किसी भी प्रकार के प्रशिक्षण, सेमिनार, गतिविधि या कार्यक्रम के लिए न भेजा जाए। यदि ऐसी कोई आवश्यकता हो तो पहले निदेशालय से अनुमति लेनी अनिवार्य है। सिर्फ समग्र शिक्षा के तहत आयोजित कार्यक्रमों के लिए छूट दी गई है।