विधानसभा से वाकआउट करते विपक्ष के विधायक।
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राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयान से असंतुष्ट विपक्ष ने विधानसभा से वाकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार और मुख्यमंत्री झूठे वादे और दावे कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे झूठे दावों को सुनने और सवालों का जवाब न देने वालों के विरोध में वह सदन से बाहर आए हैं।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान उठे मुद्दों पर जवाब देने के लिए खड़े हुए। एक-एक कर विपक्ष की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों पर जवाब देना शुरू किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तथा कई विधायकों में हल्की नोकझोंक भी हुई।
भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज ने बेरोजगारी भत्ते के चुनावी वादे पर सीएम को टोक दिया। इस पर सीएम ने कहा कि वह उनकी बात को सुन ही नहीं रहे। सीएम के इसी बयान पर नाराजगी जताते हुए विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष प्रो प्रेम कुमार धूमला ने कहा कि जो सरकार अपने चुनावी मुद्दों को पूरा न करे और टोकने पर न सुनने की बात कहे, उसकी बात सुनना ही बेकार है।
कहा कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा कर वोट लिए गए, लेकिन आज तक वायदा पूरा नहीं किया। अच्छा काम करने वाले एनजीओ को भी सहायता न देने की बात को भी अनसुना किया गया। सरकार कहती है कि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, लेकिन हर साल करीब छह हजार शिक्षक रिटायर होते हैं।
सरकार अगर उतने भर भी ले तो नए बन रहे स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कैसे होगी। सरकार के पास कोई विजन ही नहीं है। आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ चहेतों को निदेशालयों में तैनाती दे रही है और स्कूल खाली पड़े हैं।