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Himachal: स्वतंत्रता दिवस पर हिमाचल में 433 कैदियों को सजा में मिलेगी छूट, तीन होंगे रिहा

Fri, 14 Aug 2026 05:43 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

 प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 1,025 सिद्धदोष कैदियों में से 433 पात्र कैदियों को सजा में विशेष छूट दी जाएगी। सजा की अवधि पूरी होने पर तीन बंदियों को 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर जेल से रिहा किया जाएगा।
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जेल निदेशालय हिमाचल। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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स्वतंत्रता दिवस पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की जेलों में बंद अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता कैदियों को विशेष राहत देने का फैसला लिया है। प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 1,025 सिद्धदोष कैदियों में से 433 पात्र कैदियों को सजा में विशेष छूट दी जाएगी। सजा की अवधि पूरी होने पर तीन बंदियों को 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर जेल से रिहा किया जाएगा।

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सरकार ने सजा की अवधि के अनुसार छूट की अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। 10 वर्ष से अधिक की सजा या आजीवन कारावास भुगत रहे पात्र कैदियों को तीन माह की छूट मिलेगी। पांच वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक की सजा वालों को दो माह, तीन वर्ष से अधिक और पांच वर्ष तक की सजा वालों को 45 दिन तथा एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष तक की सजा वालों को 30 दिन की राहत दी जाएगी। वहीं, छह माह से अधिक और एक वर्ष तक की सजा भुगत रहे पात्र कैदियों को 15 दिन की छूट मिलेगी।

छूट के लिए अपात्र श्रेणियां
विशेष छूट का लाभ सभी कैदियों को नहीं मिलेगा। सरकार ने गंभीर और जघन्य अपराधों में दोषी बंदियों को इसके दायरे से बाहर रखा है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में सजा काट रहे कैदी, पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के दोषी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और यूएपीए के तहत दोषी बंदी राहत के पात्र नहीं होंगे। आतंकवादी गतिविधियों और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में सजा काट रहे कैदियों को भी छूट नहीं मिलेगी। इसके अलावा आदतन अपराधी, पैरोल की शर्तों का उल्लंघन कर फरार होने वाले पैरोल जंपर्स, निवारक हिरासत में रखे गए बंदी और अन्य प्रतिबंधित श्रेणियों के कैदी भी इस लाभ से बाहर रहेंगे।
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कैदियों के अच्छे आचरण पर जोर
वरिष्ठ सहायक महानिरीक्षक (कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं) सुशील कुमार ने बताया कि सरकार का यह फैसला जेल में अच्छे आचरण और सुधारात्मक रवैये को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है। सजा में छूट से पात्र कैदियों को निर्धारित अवधि से पहले परिवार के बीच लौटने और समाज की मुख्यधारा में पुनर्वास का अवसर मिलेगा। साथ ही जेलों में सुधारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने और कैदियों में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रोत्साहन देने में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश की जेलों में मौजूद 1,025 सिद्धदोष कैदियों में से 433 को राहत मिलने से जेल प्रबंधन और सुधारात्मक सेवाओं के स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
 
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