हिमाचल प्रदेश में इस वित्त वर्ष से विकलांग व्यक्ति के साथ यात्रा करने वाला एक परिजन भी निशुल्क यात्रा की सुविधा पा सकेगा। यह लाभ उन्हीं विकलांग यात्रियों के साथ यात्रा करने वालों को मिलेगा, जिनकी अपंगता प्रतिशतता 70 फीसदी से ज्यादा होगी।
वर्तमान में हिमाचल में विकलांग व्यक्तियों को तो निशुल्क यात्रा का प्रावधान है, लेकिन उनके साथ जाने वाले व्यक्ति को किराया देना पड़ता है। सरकार का तर्क है कि कई विकलांग व्यक्ति अपने आप बिना किसी मदद के बस में यात्रा नहीं कर सकते हैं।
दृष्टिहीन व्यक्तियों को अपने साथ किसी व्यक्ति को लाना ही पड़ता है। ऐसी ही स्थिति टांगे न होने वाले व्यक्तियों की रहती है। उन्हें भी लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे पर निर्भर होना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति खुद तो यात्रा के दौरान निशुल्क यात्रा कर लेते हैं, लेकिन साथ जाने वाले व्यक्ति का किराया देना पड़ता है।
ऐसे में सुविधा के बावजूद उन्हें एक व्यक्ति का खर्च उठाना पड़ता है। प्रदेश सरकार ने बजट में इसका प्रावधान किया है। एक अप्रैल से प्रदेश परिवहन निगम की बसों में इन्हें यह सुविधा दी जानी प्रस्तावित है।
इसके साथ ही सरकार ने विकलांग बच्चों को छात्रवृत्ति देने के मामले में लागू की गई आय सीमा को भी खत्म कर दिया है। विकलांग छात्र को स्कूल में छात्रवृत्ति मिलेगी, भले ही उसकी आयु कितनी भी हो।