मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान
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मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने कहा कि जो पिछली सरकार अपने कार्यकाल में कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रख सकी, उसके नेताओं को वर्तमान सरकार के खिलाफ बेवजह बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान को हास्यास्पद बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस सरकार को केंद्र से मिली 1500 करोड़ रुपये की मदद के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई विशेष आर्थिक पैकेज या सहायता नहीं है, अपितु यह करों के रूप में हिमाचल का शेयर है, जो उसे मिलना ही था। इसके लिए केंद्र सरकार का आभार करने की आवश्यकता नहीं है। चौहान मंगलवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार कर्मचारी हितैषी काम कर रही है। सरकार ने सत्ता संभालते ही अपनी दस गारंटियों में से पुरानी पेंशन को बहाल कर पहली गारंटी को पूरा कर दिखाया। पूर्व सरकार ने छठा वेतन आयोग तो लागू किया लेकिन कर्मचारियों को दिया कुछ नहीं दिया। वह 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी छोड़कर गई।
चौहान ने कहा कि यह मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को 1 जनवरी 2023 से देय चार प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता, 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के पेंशनरों का पूरा बकाया एरियर देने, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 20 हजार रुपये वेतन बकाया की अतिरिक्त किस्त देने तथा दिवाली त्योहार को देखते हुए सभी कर्मचारियों और पेंशनरों का अक्तूबर माह के वेतन व पेंशन का भुगतान 28 अक्तूबर को करने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त पेंशनरों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। सभी विभागों को पेंशनरों के लंबित बिलों के निपटान के निर्देश भी दिए हैं।