अनुराग ठाकुर ने कहा कि यही कारण है कि एक के बाद एक युवक नशे की बलि चढ़ गया, जबकि पुलिस एक-दो ग्राम चिट्टा पकड़कर पीठ थपथपा रही है। मंडी शहर में एक युवक की मौत के एक महीने में ही बल्ह में दूसरी मौत हो गई। स्थानीय नेता भी इसे गंभीरता से लेते नहीं दिख रहे हैं। बैठकों में पंचायत स्तर तक अभियान चलाने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन थानों में स्टाफ पूरा नहीं है। बल्ह थाना बिना प्रभारी के हैं। निरीक्षक, सहायक निरीक्षक, हवलदार व सिपाहियों के कई पद रिक्त हैं। यही नहीं मंडी शहर की शहरी चौकी, सदर थाना में भी स्टाफ का टोटा है।