चैलचौक वन विश्राम गृह में बिना देनदारी के ठहरी अज्ञात महिला के बारे में जांच करती पुलिस
गोहर (मंडी)। चेलचौक में वन विभाग के विश्राम गृह में ठहरी अज्ञात महिला ने आखिरकार 40 दिन के बाद बिना देनदारी के ही यहां से प्रस्थान कर लिया है। बिना पहचान पत्र पांच दिन का परमिट लेकर ठहरी महिला ने वन विभाग की 20 हजार रुपये की देनदारी न देकर वीरवार को पुलिस, वन विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के सामने रेस्ट हाउस छोड़ा।
महिला ने इस दौरान कहा कि 48 घंटे में मेरे खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी, लेकिन 40 दिन हो गए अभी भी केस नहीं हुआ। इस पर काफी देर गहमागहमी मचा रहा। महिला हाई प्रोफाइल बातें करके वन विभाग पुलिस और जो भी उसके सामने जाए उनको डरा देतीं थीं। आरोप है कि वन विभाग के लिए इस महिला ने 40 दिन नाक में दम करके रख दिया था। वीरवार को प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के एकत्र होने के बाद महिला ने रेस्ट हाउस छोड़ा। जब विभाग ने पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया और रेस्ट हाउस छोड़ चली गई।
नाचन वन मंडल के तहत आने वाले फॉरेस्ट रेस्ट हाउस चेलचौक में एक महिला ने बीते 40 दिन से कब्जा कर रखा था। यह महिला रेस्ट हाउस के सेट नंबर एक में बीती 16 सितंबर से रुकी हुई थी। महिला ने यहां पांच दिन की बुकिंग करवाई थी, लेकिन उसके बाद यह यहां से जाने का नाम ही नहीं ले रही थी। विभाग को रेस्ट हाउस का यह कमरा खाली करवाना इतना मुश्किल हो गया था कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी पड़ गई। महिला खुद को सुप्रीम कोर्ट की वकील बताती और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से नीचे बात ही नहीं करती थी।
डीएसपी हेडक्वार्टर देवराज ने बताया कि विभाग की तरफ से शिकायत मिली थी। महिला ने वन विभाग का कमरा खाली कर दिया है।
डीएफओ नाचन एसएस कश्यप ने बताया कि महिला रेस्ट हाउस में नियमों के विपरीत रह रही थीं। इसलिए संबंधित बीट के फॉरेस्ट गार्ड द्वारा इस संदर्भ में पुलिस को शिकायत दी थी। वीरवार शाम महिला ने रेस्ट हाउस का कमरा खाली कर दिया है।