ऑटो हब के साथ मरम्मत के लिए आते हैं वाहन, सड़क पर करने पड़ते पार्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। औद्योगिक नगर के रूप में पहचान बना रहे नेरचौक के कारोबारियों ने प्रदेश सरकार से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की मांग की है। गुटकर से लेकर डडौर तक ऑटो हब है, लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ खास नहीं हो पाया है। वर्ष 2009 में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की कवायद भी शुरू हुई, लेकिन सब ठंडे बस्ते में ही रह गया।
स्थानीय कारोबारी विनेश वालिया, चुनी लाल, ताहिर खान, दुर्गादास, कृष्णा, परमदेव, नारायण वालिया, राज कुमार, दिवेश, अनुराज वालिया का कहना है कि नेरचौक में आटो बाजार है। यहां पर रोजाना 200 से अधिक ट्रक, 100 से अधिक जेसीबी और ट्रैक्टर मरम्मत के लिए लाए जाते हैं। नेरचौक शहर की आटो मार्केट काफी पुरानी है। व्यापारियों का कहना है कि नेरचौक में ट्रांसपोर्ट नगर बनने से कारोबारियों को कार्य करने में आसानी होगी। वर्तमान में सड़क किनारे वाहनों को खड़ाकर उनकी मरम्मत करनी पड़ती है।
इससे कई बार हादसों का भी खतरा रहता है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर यातायात पुलिस की ओर से चालान किए जाते हैं। कबाड़ मार्केट तथा निचली डोर मार्केट में नालियां बद से बदतर हैं। चारों तरफ गंदगी का आलम है। नेरचौक में ट्रांसपोर्ट नगर बनने से समस्याओं का हल होगा। ग्राहकों को भी उचित स्थान मिलेगा, वहीं नेरचौक एक आदर्श कस्बा बन कर उभरेगा। उधर, व्यापार मंडल के अध्यक्ष गोविंद ठाकुर का कहना है कि 2009-10 में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 45 बीघा जमीन चिह्नित की गई थी। ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए व्यापार मंडल सरकार का सहयोग करेगा।