बालीचौकी (मंडी)। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के चार दिवसीय मौन ध्यान शिविर के समापन पर बालीचौकी स्कूल के प्रधानाचार्य युद्धवीर सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों को योग के महत्व के बारे में बताया। कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग समाज को न केवल योग का महत्व बता रही है, बल्कि सेवा और साधना से सामाजिक कार्य भी कर रही है।
शिविर में प्रतिभागियों ने योग और नेतृत्व क्षमता के विषय में जानकारी हासिल की। शिविर में मुख्य शिक्षक के रूप में शामिल योगेंद्र सिंह योगी ने प्रतिभागियों को सेवा के साथ-साथ साधना को भी निरंतर करने की अपील की। कहा कि सेवा कई बार व्यक्ति को अहंकारी बनाती है, लेकिन साधना संयम के गुण विकसित करती है। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि चार दिवसीय शिविर में 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। संवाद