जोगिंद्रनगर में नदी-नाले उफान पर, एक पशुशाला ढही
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में बुधवार आधी रात हुई मूसलाधार बारिश से लोग सहम गए। तेज बारिश के साथ नदी-नाले उफान पर आ गए। गुगली, मच्छयाल और रणा खड्ड में जलस्तर बढ़ने से कई परिवार पूरी रात जागते रहे। सुबह हालात सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश का सबसे अधिक असर मंडी-पठानकोट हाईवे से सटे क्षेत्रों में देखने को मिला। कई दुकानों में पानी घुस गया, जबकि पुलिस थाना चौक, कन्या विद्यालय और रेलवे स्टेशन के आसपास सड़कों पर मलबा जमा हो गया। लोगों को सुबह दुकानें खोलने से पहले सफाई करनी पड़ी।
बारिश से सड़क नेटवर्क भी प्रभावित हुआ। लोक निर्माण विभाग के जोगिंद्रनगर, बैजनाथ और पधर मंडल की छह सड़कें बंद हो गईं। विभाग ने युद्धस्तर पर काम कर सुबह तक पांच सड़कें यातायात के लिए बहाल कर दीं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभाग को करीब 21.78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
द्रुब्बल पंचायत में मुलू राम की पशुशाला ढह गई, जिससे लगभग 40 हजार रुपये की क्षति हुई। हालांकि, कोई व्यक्ति या पशु इसकी चपेट में नहीं आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रातभर खड्डों के तेज बहाव की आवाज से लोग घरों से बाहर निकल आए और बढ़ते जलस्तर के कारण पूरी रात चिंता में रहे।
एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे हुए है। मझारनू-कुंडूनी-कुफरू सड़क पर आंशिक भूस्खलन हुआ लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग सर्किल जोगिंद्रनगर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि बंद मार्गों को खोलने का कार्य जारी है।