मंडी। सदर मंडी और आसपास के इलाकों में पीलिया के साथ हेपेटाइटिस सी वायरल इंफेक्शन के मामले सामने आने लगे हैं। जोनल अस्पताल मंडी में 10 दिन में 26 से अधिक रोगी पीलिया के ग्रस्त पाए गए गए हैं। इसके अलावा चार को हेपेटाइटस सी वायरल संक्रमण की भी पुष्टि हुई है। मामलों को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को एहतियात बरतने की हिदायत दी है। स्वास्थ्य और जलशक्ति विभाग को पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पानी के सैंपल लेकर जांच करने के लिए भी कहा है। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ने हेपेटाइटिस सी और पीलिया के रोगों की पुष्टि की। कहा कि बरसात के सीजन में ये सामान्य मामले हैं।
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यह है हेपेटाइटिस सी वायरल इंफेक्शन
हेपेटाइटिस सी लिवर से संबंधित बीमारी होती है। इससे कई बार लिवर को बहुत नुकसान भी पहुंचता है। यह वायरस संक्रमित खून से फैलता है। यह बीमारी इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि आधे से ज्यादा संक्रमित लोगों को यह पता ही नहीं होता है कि उन्हें यह बीमारी है। ऐसा इसलिए कि लक्षण दिखाई नहीं देते या फिर सामने आने में 10 साल तक लग जाते हैं। इस वजह से चिकित्सक समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं।
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लक्षण और सुझाव
सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा के अनुसार पीड़ित को आंखों के सफेद भाग का पीला होना, बुखार रहना, भूख न लगना, जी मितलाना और कभी-कभी उल्टियां होना, पीला पेशाब आना, अत्यधिक कमजोरी, थकान महसूस होना तथा पेट के ऊपरी दाएं भाग में भारीपन या दर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं। पीलिया रोग से बचाव के लिए लोगों को सुझाव हैं कि वे पेयजल को कम से कम 15-20 मिनट तक उबाल कर पीएं। मीठे पदार्थों का सेवन करें एवं खाद्य पदार्थों को ढककर रखें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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एहतियात बरतें
साफ-सफाई की आवश्यक एहतियात बरतने से पीलिया समेत अनेक जल जनित रोगों से आसानी से बचा जा सकता है। स्वच्छता अभियान के तहत पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई पर विशेष बल दिया गया है। कार्य के लिए संबंधित विभाग स्थानीय लोगों का सहयोग भी सुनिश्चित बना रहे हैं।
-अरिंदम चौधरी, डीसी मंडी