जोगिंद्रनगर अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को उपचार देते हुए स्टॉफ। यहां एक बैड पर दो मरीज उपचारा
महिला, पुरूष, शिशु रोगी वार्ड में भी एक बैड पर दो मरीजों को उपचार, गंभीर मरीज टांडा व मंडी रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में पीलिया के मरीजों की संख्या का आंकड़ा 200 पार कर गया है। महिला, पुरूष, शिशु रोगी वार्ड में भी एक बैड पर दो-दो मरीजों को उपचार दिलाने के बाद अब सर्जिकल और गायनी वार्ड में भी मरीजों के दाखिले शुरू हुए हैं। जबकि गंभीर मरीजों को अब टांडा, मंडी के बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र से लेकर गांव-गांव तक पीलिया का प्रकोप बेकाबू होता जा रहा है।
लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के भी हाथ पांव फूल चुके हैं। सबसे बड़ी दिक्कत पीलिया के फैलाव को रोकने में आ रही है। मंगलवार देर रात करीब 12 बजे तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में 24 नए पीलिया के मरीज अस्पताल के विभिन्न रोगी वार्डों में उपचार के लिए दाखिल हुए। बुधवार दोपहर तीन बजे तक 15 नए पीलिया के मरीजों के साथ यह आंकड़ा 200 पार हो चुका है। जोगिंद्रनगर शहरी क्षेत्र में आठ जुलाई से पीलिया के मरीजों की संख्या अधिक होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई थी। महज 16 दिन में संक्रमितों की संख्या 200 से अधिक हो गई है।
उधर, उपमंडल में पीलिया से बिगड़े हालात के बाद सरकारी अस्पतालों में उपचार को लेकर दवा के लिए भी मरीज लाचार हो गए हैं। बीते 16 दिनों से नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में पीलिया के मरीजों को उपचार दिलाने के लिए स्टाफ व वार्ड नर्सों की छुट्टियां भी रद्द करनी पड़ रही है। उधर, एसएमओ डा. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि अस्पतालर में पीलिया के संक्रमित मरीजों के दाखिले जारी हैं। आरक्षित वार्डों में इनके दाखिलों की संख्या बढ़ जाने के बाद सर्जिकल और गायनी वार्ड में भी मरीजों के दाखिले शुरू किए गए हैं। उपचाराधीन मरीजों को दवा के अलावा चिकित्सीय परामर्श भी अस्पताल के चिकित्सक दे रहे हैं।