आज काशी पर्व में नई फसल का लगेगा भोग, वाद्ययंत्रों से गूंजा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। रियासतकाल की परंपरा का निर्वहन करते हुए ऋषि पराशर का खारा (प्राचीन प्रतिमाएं) बांधी स्थित कोठी से प्राकृतिक झील के पास मंदिर में पहुंचा। पराशर ऋषि के हारियान और ग्रामीणों ने खारा का फूलों के साथ स्वागत किया। इस दौरान समूचा परिवेश वाद्ययंत्रों की धुनों से गुंजायमान हो गया। पराशर ऋषि के पहुंचने से वहां पर मेले का आयोजन किया गया।
शुक्रवार को पराशर में काशी पर्व मनाया जाएगा। काशी पर्व में सभी गांववासी बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं। जो नई फसल होती है उसको गांववासी अपने खेतों से निकाल कर पराशर ऋषि को अर्पित कर भोग लगाते हैं। सभी ग्रामीण और अन्य श्रद्धालुओं को प्रसाद आवंटित किया जाता है। पराशर ऋषि के पहुंचने पर उत्सव शुरू हो गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने शिरकत की।
सर्व देवता सेवा समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा और प्रेस सचिव मनोज ने भी ऋषि की कोठी में पहुंच कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि रियासतकाल की परंपरा को संजोए रखना बहुत अच्छी बात है। इस तरह के आयोजन से हम प्राचीन संस्कृति को संजोए रखने में सफल रहते हैं। काशी पर्व के दौरान क्षेत्र के अन्य देवी-देवता भी शिरकत करेंगे। इस मौके पर बलबीर ठाकुर, अमर सिंह, तीर्थ राज आदि मौजूद रहे। संवाद