सुंदरनगर (मंडी)। केंद्र सरकार के बजट में हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति से पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन भड़क गई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रोष जताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट ने हिमाचल प्रदेश को गहरा आघात पहुंचाया है।
राज्य संगठन मंत्री निक्का राम चौधरी ने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रदेश को इस अनुदान की प्रतीक्षा थी, किंतु उसे निराशा हाथ लगी। यह राजस्व घाटा अनुदान वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्त आयोग के गठन तक केंद्र सरकार की ओर से प्रदान किया जाता रहा, परंतु 16वें वित्त आयोग की ओर से इसे समाप्त कर दिया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट में पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर कोई ठोस घोषणा न किए जाने से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की अपेक्षाओं पर पानी फिर गया है। संवाद