मंडी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मंडी ने क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी को प्रदेश विश्वविद्यालय बनाने की सरकार से मांग उठाई है। जिला संयोजक गौरव अत्री ने कहा कि परिषद दो साल से आंदोलन कर रही है। विभिन्न मंचों पर मांग को उठाया जा रहा है।
कहा कि प्रदेश के गठन के बाद से केवल शिमला में ही विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी नहीं है कि प्रदेश के सारे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के लिए शिमला पहुंच सकें। ऐसे में प्रदेश और मंडी जिले के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले अधिकांश विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।
कहा कि पीजी कक्षाओं में सीटें सीमित होती हैं, इसलिए अधिकांश विद्यार्थी शिमला में दाखिला नहीं ले पाते हैं। इस कारण मजबूरी में निजी विश्वविद्यालयों में भारी भरकम फीस देकर दाखिला लेना पड़ता है। ऐसे में विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश सरकार से क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग की है। विवि बनने से प्रदेश में निचले क्षेत्रों के लगभग 6 जिलों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला को चलाने के लिए निर्धारित मानदंड और मानक, सुविधाओं का प्रावधान है उसी तरह से क्लस्टर विश्वविद्यालय में भी सभी तरह के नियम लागू किए जाएं।
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