धर्मपुर (मंडी)। कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर की ओर से धर्मपुर किसान उत्पादक सहकारी सभा एफपीओ के सहयोग से सात सौ बीघा भूमि पर सोयाबीन के नौ क्लस्टर स्थापित करने के लिए चार हजार किलो बीज किसानों को उपलब्ध करवा गया। इसका वितरण केवीके कृषि वैज्ञानिक एलके शर्मा और नेहा चौहान ने किया।
कृषि वैज्ञानिक केएल शर्मा ने बताया कि सरकार के कृषि एवं सहकारिता विभाग की ओर से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की योजना के अनुसार तिलहन की खेती के लिए देश में दो सौ जिलों में ऑयल सीड मॉडल गांव परियोजना शुरू की गई है। इसमें हिमाचल प्रदेश में मंडी जिला चयनित किया है और उसमें धर्मपुर खंड को चुना गया है। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र इन क्लस्टरों में नियमित तौर पर किसानों का मार्गदर्शन करेगा और उन्हें कीटनाशक दवाएं व अन्य प्रकार की सहायता भी देगा। एफपीओ अध्यक्ष सतपाल और सचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के रोसो गांव में 175 बीघा भूमि पर सबसे बड़ा सोयाबीन कलस्टर लगाया जा रहा है। इसके लिए 900 किलो बीज उपलब्ध करवाया है। इसके अलावा बिंगा पंचायत के छुईघाट, दबरोट और शेरपुर गांवों में दो सौ बीघा, चतरैना में 170 बीघा गरली में 150 बीघा तथा नलयाना में 50 बीघा और पाड़छु तथा ट्रेअबला में 25-25 बीघा जमीन पर क्लस्टर लगाये जायेंगे। इसके लिए एफपीओ ने क्लस्टर कमेटियां बनाकर काम शुरू किया है। बताया कि इन्हीं क्लस्टरों में रवि सीजन में सरसों बिजी जायेगी और यह परियोजना तीन साल चलेगी। एफपीओ सोयाबीन प्रोसेसिंग का लघु उद्योग स्थापित करने के लिए भी प्रोजेक्ट बना रहा है। जिसे राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय शिमला के माध्यम से फंडिंग संस्थाओं को भेजा जा रहा है ताकि फसल तैयार होने पर इसकी प्रोसेसिंग स्थानीय स्तर पर ही की जा सके। इस अवसर पर एफपीओ अध्यक्ष सतपाल सिंह, सचिव भूपेंद्र, डॉ हरदयाल सिंह, प्रेम सिंह, रूप चंद, रणताज़ राणा, नितेश पराशर आदि मौजूद रहे।