मंडी। शहर और आसपास के गांवों को सीवरेज से जोड़ने वाली योजना का निर्माण कार्य में कोताही बरतने पर ठेकेदार को एक करोड़ अस्सी लाख रुपये जुर्माने का नोटिस हुआ है।
लोनिवि विभाग ने नोटिस में कहा है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद काम में तेजी नहीं लाई गई। नोटिस के संदर्भ में अब एसई के पास सुनवाई होगी। इसके बाद जुर्माने पर निर्णय होगा। ठेकेदार की लचर प्रणाली के चलते अभी तक सीवरेज का 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। नियमों के तहत लागत का 10 फीसदी जुर्माने के रूप में ठेकेदार को अदा करने का प्रावधान है। इसके बाद अगर ठेकेदार काम पूरा नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। बता दें कि काम के धीमी गति होने के कारण लोगों को भी सीवरेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। विभाग ने लोगों की सुविधा को लेकर एक साल में सीवरेज का काम पूरा करने की योजना बनाई थी। योजना का 18 करोड़ 18 लाख 97 हजार 864 रुपये से निर्माण किया जाना है।
योजना के तहत भ्यूली, पुलघराट, मंगवाई, सौलीखड्ड, चडयाणा, नेला, इंदिरा आवास कॉलोनी के साथ-साथ शहर के मध्य क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी और चैंबर का काम किया जाना है। हालांकि विभाग ने ठेेकेदार को कई बार काम पूरा करने को लेकर नोटिस भी भेजे। मजदूरों की संख्या बढ़ाने को कहा। इसके बावजूद काम में तेजी नहीं लाई गई। इसके बाद अब नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया गया है।
फरवरी 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
ठेकेदार के साथ हुए समझौते के तहत 3 फरवरी 2021 से फरवरी 2022 के भीतर काम करने पूरा किया जाना था। 7 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक 20 प्रतिशत काम ही पूरा किया गया है। इस लचर प्रणाली के चलते मंडी शहर और आसपास के सटे ग्रामीण क्षेत्र के लोग सीवरेज सुविधा से महरूम हैं।
चार महीने में काम करना होगा खत्म
विभाग की ओर से बार-बार नोटिस के बाद भी ठेकेदार ने निर्माण में तेजी नहीं लाई है। उसे 1.80 करोड़ का जुर्माना का नोटिस जारी किया गया है। इसकी सुनवाई एससी कार्यालय में होगी। अनुबंध के हिसाब से काम की समय अवधि चार महीने बाद खत्म हो जाएगी। अगर पेनेल्टी के बाद फिर भी ठेकेदार काम नहीं करता है तो उसे उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
विवेक हाजरी, अधिशासी अभियंता जलशक्ति विभाग मंडी