गोहर के बस्सी में खड़ी एचआरटीसी की इलेक्टि्रक बस। स्त्रोत विभाग
मंडी। सराज घाटी में 29 जून को आई आपदा के 36 दिन गुजरने के बाद भी एचआरटीसी मंडी डिपो की छह बसें नहीं निकल पाई हैं। तीन बसें सराची, एक गोहर के बस्सी, एक थलौट के साथ लगते डिडर और एक बालीचौकी के धुंगू में फंसी है। बस्सी में निगम की इलेक्टि्रक बस फंसी हुई है। एक माह बाद अब बस की बैटरी खत्म होने की आशंका है।
ऐसे में खस्ताहालत सड़कों में बस को मंडी पहुंचाना एचआरटीसी के लिए चुनौती बना हुआ है। दूसरी जगह फंसी बसों को स्टार्ट करने के लिए चालक रूटीन में भेजे जा रहे हैं। कई जगह चालकों को बसों तक पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। इन छह बसों के फंसने से एचआरटीसी मंडी डिपो को करीब 15 से 18 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। क्षेत्रीय प्रबंधक पियूष शर्मा ने बताया कि सड़कों के बंद होने से बसें उक्त स्थानों पर खड़ी हैं। जैसे ही सड़कें बहाल होंगी, बसों को निकाल लिया जाएगा। संवाद