मंडी। रक्षाबंधन पर राखी सूर्योदय से सायं 5:20 बजे तक कभी भी बांधी जा सकती है। भारतीय पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर इस बार दो अन्य विशेष योग भी बने है। इसमें प्रात: 6:15 से 10:34 बजे और दोपहर 01: 42 बजे से सायं 04:18 मिनट तक राखी बांधना शुभ रहेगा।
सुबह का शुभ योग होने के चलते दूरदराज की बहनें अपने भाइयों के घर शनिवार को ही रवाना हो गईं। इस कारण छोटी काशी मंडी के बाजारों में दिनभर चहल पहल रही। चौहटा, सेरी और भूतनाथ बाजार में खूब भीड़ उमड़ी। बारिश में भी बहनें अपने भाइयों के लिए राखियां खरीदती रहीं। मिष्ठान और उपहारों की दुकानों सहित बस अड्डा में भी भीड़ रही।
पिछले वर्ष कोरोना के चलते अधिकांश बहनें अपने भाइयों को राखियां नहीं बांध पाई थीं। इस बार महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। भागवत प्रवक्ता डॉ. मनोज सैल ने कहा कि पूरा दिन राखी बांधी जा सकती है लेकिन दो शुभ मुहूर्त भी हैं। ये शुभ मुहूर्त सुबह 6:15 बजे से 10:34 और दोपहर 1:42 बजे से 4:18 बजे तक हैं।
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- क्या कहती है बहनें
बहनों के लिए रक्षाबंधन एक खास पर्व होता है। पिछली बार डाक से ही भाई को राखी भेजी थी। इस बार खुद जाकर भाई की कलाई पर राखी सजाई जाएगी।
-मीना ठाकुर, मंडी
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दैवीय कृपा से इस बार राखी पर कोरोना महामारी का कोई खास असर नहीं है। पिछली वर्ष राखी का पर्व वर्चुअल तरीके से मनाया गया था।
-रमा शर्मा, मंडी
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कोरोना के चलते पिछली बार भाई के घर नहीं जा पाए थे। इस बार कोरोना से हालात बेहतर हैं तो घर जाकर ही राखी पहनाई जाएगी।
-सुनीता कुमारी, मंडी
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रविवार को रक्षाबंधन पर आज ही अपने भाई के घर को मंडी रवाना हो गई हूं ताकि सुबह वाले मुहूर्त में अपने भाई को राखी पहना सकूं।
-प्रियंका, बग्गी
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रक्षाबंधन पर्व का खास इंतजार रहता है। पिछली बार की भांति इस बार भी अपने घर में रहकर ही भाई को राखी पहनाऊंगी।
-कंचन कश्यप, सुंदरनगर
भद्रकाल और राहुकाल न होने के चलते इस बार मैं पूरा दिनभर कभी भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकूूंगी।
-कल्पना सिंह, जैदेवी, सुंदरनगर