गोहर (मंडी)। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत प्लास्टिक कचरे के सटीक प्रबंधन के लिए विकास खंड गोहर के स्यांज क्लस्टर में रविवार को जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें समाज शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी योग राज ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में जनभागीदारी की अनिवार्यता और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताया।
इसके अलावा हब एंड स्पोक माडल में जन साधारण, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। खंड विकास अधिकारी मनमोहन शर्मा ने बताया कि विकास खंड गोहर में अगस्त 2024 से अभी तक लगभग 663 किलोग्राम प्लास्टिक संग्रहित किया जा चुका है। इसमें से 487 किलोग्राम प्लास्टिक स्थानीय कबाड़ व्यवसायी को रिसाइकलिंग के लिए भेजा गया है।
163 किलोग्राम प्लास्टिक विकास खंड गोहर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में संग्रहित है। स्यांज क्लस्टर में पंचायत प्रतिनिधियों, युवक मंडलों, महिला मंडलों के संगठित प्रयासों से 23 से 24 जनवरी को प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए आरटीआरआर (रेगुलर ट्रैकिंग) के आधार पर विशेष अभियान दिवस आयोजित किए जाएंगे। साथ ही महिला मंडलों के सहयोग से शुरू किए गए प्लास्टिक फ्री किचन अभियान को घर-घर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। संवाद