गोहर (मंडी)। मटर के दामों में उछाल आने से किसान गदगद हो उठे हैं। किसानों को आजकल अच्छी गुणवत्ता वाले मटर के प्रति किलो 80 रुपये तक दाम मिल रहे हैं। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। क्षेत्र में मटर का सीजन यौवन पर है और पंजाब और पड़ोसी राज्यों की मंडियों में क्षेत्र के मटर ने धूम मचा दी है। अब तक करीब एक करोड़ के मटर का गोहर उपमंडल में कारोबार हो चुका है।
क्षेत्र में करीब 10 हजार हेक्टेयर भू भाग में किसानों ने मटर की बिजाई की थी। जहां अच्छी पैदावार होने से किसान गदगद हैं। अनेक क्षेत्रों में पीला रतुआ बीमारी लगने से किसानों को निराशा का सामना करना पड़ा है। मगर अधिकतर गांवों में मटर की बंपर फसल से किसान अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। क्षेत्र से मटर पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू निर्यात हो रहा है। उधर, टमाटर के दाम गिरने से टमाटर उत्पादकों के चेहरे मुरझा गए हैं।
टमाटर के दाम 10 रुपये प्रति किलो पहुंचने से किसानों की कमर टूट गई है। क्षेत्र का हरा मटर बेहद स्वादिष्ट होता है। जिससे इसकी पंजाब और अन्य राज्यों की मंडियों में भारी डिमांड रहती है। क्षेत्र के किसानों हंसराज ठाकुर, दीनानाथ, भीम सिंह, सोहण सिंह, मुरारी लाल, शेर सिंह, राकेश कुमार, चमन लाल, विजय कुमार, मनमोहन सिंह, प्रेम सिंह ठाकुर, जोगिंद्र पाल, डोलेराम और चंद्रमणी ठाकुर ने बताया कि उनके खेतों में मटर की बंपर फसल हुई है तथा 80 रुपये तक उनका मटर बिकने से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। क्षेत्र में चैलचौक, गोहर, तरौर, स्यांज, छपराहण, चच्योट, नौण, शाला, तुना, जाछ, धंग्यारा, जहल, देवीदहड़, कुटाहची, बाढू, किलिंग और नाचन तथा सराज की अनेक पंचायतों में किसानों ने मटर की बिजाई की थी। दीपावली के बाद मटर के दामों में आए उछाल से किसान गदगद हो उठे हैं। मार्केट कमेटी बोर्ड के सचिव भूपेंद्र ठाकुर ने अब तक मंडी जिले में मटर का करीब 1 करोड़ का कारोबार होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मटर सीजन अभी जारी है।