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पंजाब की तर्ज पर दिया जाए वेतनमान : संघ

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मंडी में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा पत्रकार वार्ता करते - फोटो : Mandi
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मंडी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकार से मांग उठाई है कि प्रदेश में भी पंजाब की तर्ज पर कर्मचारियों को नया वेतनमान दिया जाए। एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए। शैक्षिक महासंघ ने ये मांगें मंडी में आयोजित प्रेसवार्ता में उठाईं।
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महासंघ के राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों की कई मांगों को पूरा किया गया है। छठे वेतन आयोग पर उन्होंने कहा कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश की वेतन विसंगतियों को तुरंत प्रभाव से खत्म किया जाए।
हिमाचल प्रदेश में 4-9-14 की वजह से जो विसंगतियां पैदा हुई हैं उनको प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। स्नातक अध्यापकों को उच्च शिक्षा निदेशालय के अधीन किया जाए। 2003 से पूर्व की पेंशन योजना बहाल की जाए। इस अवसर पर प्रांत अतिरिक्त महामंत्री दर्शन लाल, प्रकाश चंद, उर्मिला शर्मा, वीरेंद्र चंदेल, जय सिंह, दीपिका शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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जल्द नियमित किए जाएं प्रधानाचार्य
पवन मिश्रा ने कहा कि प्रधानाचार्य की पदोन्नति जो 2016 के बाद नियमित रूप से नहीं की गई है, उन्हें जल्द नियमित किया जाए। वर्ष 2012 में पदोन्नत मुख्य शिक्षकों को मुख्य शिक्षक की वेतन वृद्धि मिली है, लेकिन 2012 से पहले पदोन्नत हुए मुख्य शिक्षकों को यह वेतन वृद्धि नहीं मिल पाई है। इस वेतन विसंगति को भी दूर किया जाए। डीपीई अध्यापकों को प्रवक्ता फिजिकल एजुकेशन एक समान रूप से बनाया जाए।
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हाई पावर कमेटी को भेजे गए हैं 12 अन्य मसले
महासंघ के प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने बताया कि 12 अन्य मसले हाई पावर कमेटी को भेजे गए हैं। इनमें वर्ष 2010 से पहले नियुक्त स्नातक अध्यापकों को पदोन्नति में मुख्य अध्यापक और प्रधानाचार्य बनने की दोनों विकल्प बहाल करने का आग्रह किया है। उन्होंने भाषा और शास्त्री अध्यापकों को टीजीटी का दर्जा देने की घोषणा को लागू करने की मांग की। संवाद
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