मंडी। एमसीएच (मातृ शिशु अस्पताल) मंडी के बाल रोगी वार्डाें के फर्श को उखाड़ने के बाद रोगियों के बेड सजा दिए गए हैं। इससे रोगियों सहित परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। परिजन अपने बच्चों के साथ धूल-मिट्टी से भरे वार्डों में रहने को मजबूर हैं।
मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित करने की मांग की थी, लेकिन उन्हें स्थानांतरित किए बिना ही यह कार्य करवाया गया। यहां शोर शराबा भी हो रहा है। धूल मिट्टी मरीजों के बिस्तरों पर फैल गई। परिजनों का कहना है कि फर्श को उखाड़ने के बाद दो दिनों से इस कार्य को अधूरा ही छोड़ दिया गया है। निकाली गई टायल के वार्ड में ढेर लग गए हैं। इससे आने जाने वालों को भी परेशानी हो रही है।
तुंगल क्षेत्र के सदियाणा निवासी जीवन लाल, सौली खड्ड से जितेंद्र कुमार, टांडू से मीरा देवी, कैहनवाल से राजेश और विमला आदि ने बताया कि उनके बच्चों को तीन दिन से अस्पताल में भर्ती किया है। दो दिन पूर्व तीन बाल रोगी वार्डों के फर्श पर लगी क्षतिग्रस्त टायल को उखाड़ने के लिए कार्य किया गया। इसके लिए कटर मशीन का प्रयोग किया गया।
बताया कि इस कार्य से पूर्व परिजनों ने मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग रखी थी। अस्पताल प्रबंधन ने इसे दरकिनार करते हुए ही कार्य करवाया। उधर, सीएमओ मंडी डॉ. दीपाली शर्मा ने बताया कि यह उनके कार्यक्षेत्र में नहीं हैं। इस बारे में अस्पताल के एमएस ही जानकारी दे सकते हैं। एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने फोन नहीं उठाया।