मंडी। जिला मंडी के कांगू में प्रदेश का पहला आटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) खुलेगा। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर हिमाचल परिवहन विभाग की ओर से मंजूरी प्रदान की गई है।
इसके लिए चार बीघा भूमि का प्रावधान करने के साथ ही संचालन करने वाली कंपनी की ओर से साइट पर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इससे अब गाड़ियों की पासिंग के लिए वाहन मालिकों को सड़कों के किनारे घंटों खड़े नहीं होना पड़ेगा। न ही वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी की पासिंग करवाने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों के आगे-पीछे घूमना पड़ेगा।
गाड़ियों की पासिंग आटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम से होगी, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए एक ही बार में गाड़ी की स्केनिंग होने से सारी खामियों और खूबियों का पता चल जाएगा। मोटर व्हीकल नियमों के तहत ही गाड़ी की फिटनेस का टेस्ट लिया जाएगा। इससे एक तो समय की बचत होगी और दूसरा गाड़ी की फिटनेस के बारे में सटीक जानकारी तुरंत मिल जाएगी। ओटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम की खूबी यह रहेगी कि इसमें से गाड़ी के गुजरते ही पूरी स्केनिंग हो जाएगी और गाड़ी की फिटनेस में क्या कमियां रह गई हैं, उनका पता चल जाएगा।
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जिले के कांगू में आटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। तीन से चार माह के भीतर यह एटीएस अपना कार्य शुरू कर देगा। इसका उद्देश्य केवल प्रामाणिक वाहनों के सड़कों पर चलाने से सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। पर्यावरण संरक्षण के अलावा केंद्रीय परिवहन एवं भूतल परिवहन मंत्रालय की आटोमेटिक फिटनेस को लेकर गाइड लाइन को लागू करना है।
-नवीन कुमार शर्मा, आरटीओ मंडी
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