सरकाघाट (मंडी)। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लावारिस पशुओं की तादाद बढ़ गई है। हैरानी की बात है कि लावारिस पशुओं में टैग भी लगे हुए हैं। इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। टैग नंबर से मालिकों का पता लग सकता है। बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। ये पशु सड़कों पर यातायात में बाधा पहुंचाने और लोगों के खेतों में फसलों को तबाह कर रहे हैं।
बाड़बंदी न होने से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। जिन क्षेत्रों में लावारिस पशु नहीं पहुंच पाते, वहां बंदर और जंगली सुअर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों में हताशा बढ़ रही है। कई किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय निवासी पवन कुमार, रमेश चंद, अमर सिंह, नोत राम, परविंद्र कुमार, कुसम, कौशल्या आदि ने स्थानीय प्रशासन से लावारिस पशुओं से फसलों की रोकथाम करने और इन्हें सुरक्षित गोसदनों में भेजने की अपील की है। संवाद