मंडी। युक्तिकरण के लिए आवश्यक डाटा नहीं देना जिले के 80 स्कूल मुखियाओं को महंगा साबित हुआ है। बार-बार चेताने के बावजूद डाटा उपलब्ध नहीं करवाने पर उच्च शिक्षा विभाग ने उक्त 80 स्कूल प्रमुखों को डिफाल्टर घोषित किया है। लापरवाही बरतने पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक ने उक्त स्कूल प्रमुखों से जवाब-तलबी की है। इस संबंध में संबंधित स्कूल प्रमुखों को पत्र जारी कर दिया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने युक्तिकरण प्रक्रिया के लिए स्कूलवाइज, विषयवार एनरोलमेंट और लेक्चरर / पीजीटी के बारे में डाटा तलब किया था। इसके बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक की ओर सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को पत्राचार कर डाटा मांगा गया था। जिले में करीब 260 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं, जिनमें 180 ने प्राथमिकता से डाटा उपलब्ध करवाया है। बार-बार आग्रह और रिमांइडर के बावजूद जिले के 80 स्कूल प्रमुखों की ओर से उक्त विवरण नहीं भेजा गया है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से डाटा प्राथमिकता से भेजने की सूचना पर उपनिदेशक कार्यालय से टेलीफोन के माध्यम से डाटा भेजने के लिए आग्रह किया गया, लेकिन मामले को हल्के में लेते हुए उक्त स्कूल प्रमुखों ने विवरण नहीं भेजा है। जिसे स्कूल प्रमुखों की लापरवाही मानते हुए उपनिदेशक ने जवाब-तलबी की है और कार्रवाई से पहले स्कूल प्रमुखों से लिखित रूप में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के बारे में कहा है। वहीं, दो दिनों में तलब किया गया डाटा भेजने के निर्देश दिए गए हैं, यदि दो दिनों के भीतर डाटा उपनिदेशक कार्यालय न भेजने की सूरत पर आगामी कार्रवाई के लिए डिफाल्टर के नाम शिक्षा निदेशालय भेजे जाएंगे।