मंडी। ऐतिहासिक पड्डल मैदान में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा उत्सव पर मेघनाद, कुंभकर्ण और लंकापति रावण का पुतला नहीं जलेगा। न ही लंका का दहन होगा। कोविड के चलते पिछली बार भी आयोजन रद्द किया था। इस बार भी पड्डल मैदान मंडी में भीड़ होने के कारण मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। यह आयोजन नगर निगम मंडी की ओर से करवाया जाता था। इस बार चुनावी दौर के चलते जिले में दशहरा उत्सव की धूम नहीं दिखेगी।
पड्डल मैदान में दशहरा उत्सव को धूमधाम से मनाया जाता था। मैदान में रावण दहन को देखने के लिए इस कद्र भीड़ उमड़ती थी कि मानो कुल्लू के ढालपुर मैदान में दशहरा उत्सव लगा हो। इस दौरान जगह-जगह झांकियों को देखने के लिए भीड़ उमड़ती थी। पड्डल में मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का दहन होता था। देवी-देवताओं की अगुवाई में सीता-राम, लक्ष्मण, हनुमान और रावण की मनमोहक झांकियां भी निकालती थीं। राजदेवता माधोराव की अगुवाई में मनमोहक झांकियां हाजिरी भरती थीं। राम-लक्ष्मण, हनुमान सहित वानर सेना की ओर से शहरभर में लीलाएं दिखाई जाती थीं।
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कोविड-19 एवं चुनावों के चलते इस बार नगर निगम मंडी की ओर से दशहरा उत्सव का आयोजन पड्डल मैदान में आयोजित नहीं किया जाएगा।
- दीपाली जसवाल, महापौर नगर निगम मंडी
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कोरोना के चलते पड्डल मैदन मंडी में इस बार रावण दहन नहीं होगा। दशहरा पर पड्डल में भीड़ की मात्रा अधिक रहती है। इसे नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है।
- राजीव कुमार, एडीएम एवं नगर निगम आयुक्त मंडी