जोगिंद्रनगर अस्पताल के रोगी वार्ड में उपचाराधीन मरीज। संवाद
मरीजों को फिर लगानी पड़ेगी मंडी और कांगड़ा के अस्पतालों की दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। स्थानीय अस्पताल में पीलिया संक्रमित मरीजों की संख्या हालांकि कम हई है, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच विभाग ने जोगिंद्रनगर अस्पताल में डेपुटेशन पर भेजे गए विशेषज्ञों की टीम को वापस जिला मुख्यालय बुला लिया है।
ऐसे में पीलिया संक्रमित मरीजों को एक बार फिर बेहतर उपचार के लिए जिला मंडी और कांगड़ा स्थित बड़े अस्पतालों में दौड़ लगानी पड़ेगी। रविवार को अवकाश के चलते जोगिंद्रनगर अस्पताल में पीलिया संक्रमित मरीज जब उपचार करवाने अस्पताल पहुंचे तो उन्हें विशेषज्ञ न होने से मायूस होना पड़ा। बता दें कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अन्य शिशु विशेषज्ञ को भी विभाग ने वापस बुला लिया है। बता दें कि जोगिंद्रनगर में लंबे समय से लगभग 330 मरीज पीलिया की चपेट में आए हैं। बेहतर उपचार के अभाव में दो मरीजों की मौत भी हुई है। प्रतिदिन अस्पताल की तीन सौ से अधिक ओपीडी में 20 प्रतिशत मरीजों में पीलिया के लक्षण पाए जा रहे हैं। इसी बीच जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जोगिंद्रनगर अस्पताल में अधिकृत दो विशेषज्ञों को वापस बुला लिया है। जोगिंद्रनगर अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि जोगिंद्रनगर में पीलिया मरीजों को उपचार दिलाने के लिए स्थानीय विशेषज्ञों की टीम अभी भी सेवाएं दे रही है। वहीं, संक्रमित मरीजों की संख्या काफी कम होने के बाद जिला के विशेषज्ञों को विभाग ने वापस बुला लिया है।
अब कम हुए हैं मामला
पिछले चार दिनों में अस्पताल में पीलिया के 20 मामले सामने आए हैं, जबकि पहले से दाखिल मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी मिल गई है। हालांकि पहले 25 से 50 तक मामले एक दिन में आ रहे थे।