इनके साथ राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब, आसाम और मणिपुर जबकि हिमाचल प्रदेश के शिमला, हमीरपुर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा और किन्नौर के सांस्कृतिक दल भी भाग लेंगे। मंडी जिले के पांच सांस्कृतिक दल भी इस भव्य परेड की शोभा बढ़ाएंगे। इसके अलावा गतका दल, गृहरक्षक बैंड, विभिन्न विषयों पर आधारित झांकियों सहित कुछ अन्य प्रतिभागी भी सांस्कृतिक परेड में सहभागिता जताएंगे। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि इन दलों के शामिल होने से शिवरात्रि महोत्सव का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और निखर कर सामने आ सकेगा और लोगों को भी विश्व के विभिन्न देशों की संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिल सकेगा।
बड़ा देव कमरूनाग के पहुंचते ही शुरू हुए महाशिवरात्रि के कारज
बड़ा देव कमरूनाग अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने के लिए शनिवार दोपहर को छोटी काशी मंडी पहुंच गए हैं। उनके शहर में पहुंचते ही अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के कारज शुरू हो गए हैं। शहर के प्रवेशद्वार पुलघराट में पहुंचने पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार और सर्व देवता सेवा समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने उनका स्वागत किया। बड़ा देव कमरूनाग ने पहले राज देवता माधो राय के मंदिर में हाजिरी भरी। इसके बाद देवता लाव-लश्कर के साथ राज परिवार की परंपरा के अनुसार राज महल पहुंचे। यहां राजा ओमेश्वर सेन ने उनका स्वागत किया। कुछ देर विश्राम करने के बाद देव कमरूनाग लाव-लश्कर के साथ टारना की पहाड़ी पर स्थित माता श्यामा काली मंदिर के लिए रवाना हो गए। देवता सात दिन अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के समापन तक माता के मंदिर परिसर में विराजमान रहेंगे। यहीं उनके दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहेगा। बड़ा देव कमरूनाग महाशिवरात्रि महोत्सव के समापन पर ही अब टारना की पहाड़ी से आएंगे और इस बार कुछ देर सेनी चानणी पर भक्तों को दर्शन देंगे। कुछ वर्षों से यह सिलसिला बंद था, लेकिन इस बार रवाना होने से पहले देवता सेरी चानणी पर रुकेंगे।
नगर निगम के महापौर व आयुक्त ने भी किया स्वागत
बड़ा देव कमरूनाग के नगर निगम के क्षेत्राधिकार विस्को रिजार्ट में पहुंचने पर महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा, आयुक्त रोहित राठौर व अन्य अधिकारियों पदाधिकारियों ने स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं, गण्यमान्य नागरिकों तथा क्षेत्रवासियों ने पुष्प अर्पित किए। महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, आस्था और परंपराओं के संरक्षण को सुदृढ़ करते हैं। इस दौरान नगर निगम के आयुक्त रोहित राठौर ने बड़े देव कमरूनाग के यहां पर बैठने वाले स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए आग्रह किया। बड़ा देव कमरूनाग ने अपने गूर के माध्यम से इसकी मंजूरी प्रदान कर दी। अब नगर निगम इस स्थल का सौंदर्यीकरण करेगा।
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करने के लिए बड़ा देव कमरूनाग दोपहर बाद तीन बजे राज देवता माधो राय के मंदिर में पहुंचे। माधो राय से मिलन के बाद बड़ा देव टारना की पहाड़ी में स्थित श्यामाकाली माता मंदिर परिसर में विराजमान हो गए। -शिवपाल शर्मा, अध्यक्ष सर्व देवता सेवा समिति