मंडी। अटल मेडिकल विश्वविद्यालय नेरचौक की ओर से नर्सिंग की फीस में अत्यधिक वृद्धि के कारण छात्राओं और उनके अभिभावकों में भारी रोष है। अभिभावकों का कहना है कि पहले जब प्रदेश के सभी नर्सिंग महाविद्यालय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधीन आते थे तो उस समय फीस कम थी।
अब जब से प्रदेश में मेडिकल यूनिवर्सिटी सभी नर्सिंग और मेडिकल कॉलेजों को संचालित कर रही है तो फीस में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। इसके चलते अभिभावकों को अपनी बेटियों की नर्सिंग की पढ़ाई करवाना मुश्किल हो गया है।
कहा कि जहां एक तरफ प्रदेश सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की बात करती है वहीं, अटल मेडिकल विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार के अभियान को ठेंगा दिखा रहा है। प्रदेश के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण पहले ही बच्चों को पढ़ाना बहुत मुश्किल है। ऊपर से फीस वृद्धि भारी पड़ रही है।
अभिभावकों रणताज, भीखम राम, सुरेश मनोज, हरी राम, विकेश, अजीत सिंह, मनोज, राम लाल, घनश्याम, रमेश सकलानी, बीना राणा, सरला, हेमलता, मंजू ठाकुर, सीमा शर्मा, भावना, कुंता देवी, वंदना, प्रोमिला, शालिनी भटनागर, पम्मी गुप्ता आदि ने प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन से फीस में की गई बढ़ोतरी को कम करने की मांग की है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि फीस नियमों के अनुसार ही तय की गई है।
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फीस पहले और अब
अभिभावकों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग की रजिस्ट्रेशन फीस मात्र 200 रुपये, प्रोस्पेक्टस फीस 1600 रुपये, बीएससी नर्सिंग सीट एलोकेशन फीस 100 और वार्षिक परीक्षा फीस 1500 रुपये निर्धारित थी। अब अटल विश्वविद्यालय ने रजिस्ट्रेशन फीस 2000, प्रोस्पेक्टस फीस 2000, सीट एलोकेशन फीस 1000 और वार्षिक परीक्षा फीस 3000 कर दी है। कहा कि फीस में अब अत्यधिक बढ़ोतरी होने से अभिभावक बहुत परेशान हैं।
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