द्रंग के पाखरी में फोरलेन समन्वय समिति की बैठक में चर्चा करते ग्रामीण।
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पधर (मंडी)। पठानकोट-मंडी फोरलेन की जद में आने वाले प्रभावितों ने सरकार और एनएचएआई से मार्केट रेट पर जमीनों का मुआवजा देने की मांग उठाई है। रविवार को नौ मील पाखरी में हुई फोरलेन समिति सदर और द्रंग इकाई की बैठक में इकाई अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सर्किल रेट उन्हें मंजूर नहीं है।
बैठक में सैकड़ों लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। वीरेंद्र कुमार ने कहा कि जमीनों का मुआवजा सर्किल रेट के तहत 90,000 रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से किया जा रहा है। यह तर्कसंगत नहीं है। फोरलेन से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों ने मांग उठाई कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया जमीनों का मार्केट रेट के हिसाब से मुआवजा दे। कहा कि इस मामले को लेकर मंडी में प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके लिए बैठक में विस्तार से कार्य योजना तैयार की गई। प्रभावित ग्रामीणों में रूपलाल, नवेंद्र गुलेरिया, यशोदा नंद, महेंद्र सिंह और जितेंद्र कुमार ने कहा कि एनएचएआई पहले वाली अलाइनमेंट को बदल कर घट्टा से नारला तक नई अलाइनमेंट का प्रपोजल तैयार कर रहा है। इसमें केंद्र सरकार का तीन गुना अधिक खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले वाली अलाइनमेंट में एनएच को ही फोरलेन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया था। इसमें केवल मात्र 1,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे।
नई अलाइनमेंट में 4,000 करोड़ खर्च होने के आंकड़े नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रस्तुत किए जा रहे हैं। कहा कि एनएच को ही फोरलेन में बदला जाए, इससे खर्च में भी कमी आएगी। संवाद