मंडी। लोगों के विरोध को दरकिनार कर न्यू मर्ज एरिया में तीन साल तक हाउस टैक्स माफ करने की राहत के साथ मंत्रिमंडल ने मंडी नगर परिषद को नगर निगम बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी को नगर निगम बनाने का जनता के साथ किया वायदा भी पूरा कर दिया है।
अब जनवरी में नगर निगम के चुनाव प्रस्तावित हैं। पंचायत के चुनावों भी साथ-साथ हैं। इस बीच मंडी नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अब सियासी बिसात बिछेगी। यह पहले चुनाव सीएम के लिए प्रतिष्ठा का सवाल होंगे। भाजपा समर्थितों का पहली नगर निगम में दबदबा भाजपा और खुद सीएम की रणनीति में शुमार होगा। उधर नगर परिषद अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने कहा कि तीन साल तक न्यू मर्ज एरिया में हाउस टैक्स माफ होगा।
11 साल बाद कवायद लाई रंग, अब स्मार्ट सिटी की दौड़
बता दें कि 2009 में नगर परिषद मंडी को निगम का दर्जा देने कवायद 11 साल बाद सिरे चढ़ी है। ऐसे में सीएम बनकर जयराम ठाकुर ने गृह जिला मुख्यालय को यह बड़ी सौगात है। नगर निगम का दर्जा मिलने से मंडी स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होगा। यही नहीं आर्थिक तंगहाली से जूझ रही मंडी नगर परिषद को अब फंड की कमी नहीं होगी। राज्य सरकार पर निर्भर रहना नहीं पड़ेगा। केंद्र की ओर से क्रियान्वित योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा और छोटी काशी मंडी में अथाह विकास की बयार बहेगी।
अधिसूचना का इंतजार
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि लोगों के विरोध को देखते हुए कुछ एरिया नगर निगम से बाहर करने की सिफारिश की थी। अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह पता लग पाएगा कि कौन से क्षेत्र बाहर हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की ओर से आई आपत्तियों को सरकार के समक्ष रखा गया है।
नगर निगम में शामिल होने से ये होगा फायदे
निगम में शामिल होने वाले गांवों में सड़क, पेयजल, ड्रेनेज जैसी सुविधाएं मिल पाएंगी। जरूरतमंद गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सकेगा। प्रापर्टी के सर्किल रेट में वृद्धि होगी। इससे ऋण लेने की क्रेडिट लिमिट बढ़ेगी, जनसंख्या के आधार पर केंद्र से मिलने वाली अनुदान राशि में वृद्धि होगी, गांवों में अम्रुत योजना से पेयजल और सीवर के काम हो जाएंगे, शहरी आजीविका मिशन योजना लागू हो पाएगी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट में कूड़ा प्रबंधन का फायदा मिल पाएगा।
ये हो सकती हैं दिक्कतें
नगर निगम क्षेत्र में मकान निर्माण के लिए मानचित्र की स्वीकृति की अनिवार्यता होगी, ग्रामीणों पर हाउस टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा, मनरेगा से होने वाले विकास कार्य बंद हो जाएंगे, राज्य और 14वां वित्त का बजट बंद हो जाएगा, ग्रामीणों को कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी बंद हो जाएगी।
ये पटवार वृत्त नगर निगम में शामिल
अधिसूचना के अनुसार मंडी नगर परिषद में पटवार वृत नेला के मोहाल नेला/342, चडयाना/343, डीपीएफ कांगणी/344, शिल्हाकीप्पड/341, भरौण/337 और दुदर/345,पटवार वृत तल्याहड़ के मोहाल तल्याहड़/360, मधवाहन/364, पंजेठी/365, पटवार वृत मनयाणा के मोहाल मनयाणा/362, सनयारड/363 और चडयारा/346, पटवार वृत छिपणू के मोहाल बिजनी/368 और छिपणू/367, पटवार वृत रेहड़धार के भ्यूली/371, अरधा/372, पटवार वृत बाड़ी गुमाणू के बाड़ी/48, बगला के ओटीए/209, गुटकर/208, चलाह/207, बगला/206, दौहंधी/217, पटवार वृत भडयाल के चंडयाल/213, भडयाल/211 और बैहना/210 को शामिल किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है। इसमें कुछ आंशिक फेरबदल हो सकता है।
कुछ विशेष बातें
एनएच का 25 किमी और सुकेती, ब्यास के किनारे भी नगर परिषद में पटवार वृतों की अधिसूचना जारी हो चुकी है। नगर परिषद में एनएच का नागचला से लेकर क्वारी डंपिंग तक का पच्चीस किमी का एरिया नगर परिषद में शामिल हो गया है। इसके अतिरिक्त सुकेती से तीन से पांच किमी किनारे की चौड़ाई भी नगर परिषद में शामिल होगी।
नगर निगम के खेल में बल्ह में सबसे बड़ा उल्टफेर
नगर निगम के खेल में बल्ह में सबसे बड़ा उल्टफेर हुआ है। बल्ह की बैहना, भड़ियाल, दोहिंदी, चलाह और चंडयाल पांच वार्ड नगर निगम मंडी का हिस्सा होंगे। इनसें पंचायत का दर्जा छूट गया है। वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद नेरचौक के 11 वार्डों में से पांच वार्डों बाहर हो गए हैं। इनमें रत्ती, धड़वाहन, नागचला, कंसा चौक, संयोहल शामिल हैं। अब नगर परिषद नेरचौक महज छह वार्डों की रह गई है।