संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में अशोक मस्ती ने बेहतरीन गाने गाकर मंडी के लोगों को खूब नचाया। वहीं वायस ऑफ पंजाब दीपेश राही और वायस ऑफ विंटर कार्निवाल रमेश ठाकुर ने भी हिंदी, पहाड़ी और पंजाबी गीतों से श्रोताओं का मनोरंजन किया।
अशोक मस्ती ने मंच पर आते ही ठेकेयां दे नित खड़के खड़के गलासी तेरे नां ते, गुलाबी आंखें जो तेरी देखी, आण-जाण दी पसूड़ी नू, बुर्ज खलीफा, अग लावां मजबूरी नू पसूड़ी नू, दिल चोरी साडा हो गया, कुड़ी मैंनू कैंदी मैंनू जूती ले ले सोणेया आदि पंजाबी गीतों से मंडी के लोगों को खूब नचाया। वायस ऑफ पंजाब के दीपेश राही ने दिल को करार आया मुझ को करार आया पहली पहली बार आया, सामणे होवे ता नचणा पैंदा ऐ रूस जावे दिलदार ते नचणा पैंदा ऐ, जुगनी कतदी चरखा, छाप तिलक सभी छीनी मोसे नैना मिलई के, पिया रे पिया रे से समां बांधा। कुल्लू के रमेश ठाकुर ने मंच पर आते ही फिल्मी गीत सांसों की जरूरत है जैसे जिंदगी के लिए, छत्ता भूलू तेरे घोरा रे टाले साउंगी आणे मेरी चंद्रा, दुई माहणु आए हीरा ठकरैणिए समेत हिंदी और पहाड़ी गीतों से दर्शकों को खूब नाचाया। पंजाब के सूफी गायक कमलजोत ने तेरे इश्के नचाया करके थैया रे थैया, पाणी दिया छल्ला होवां तु होवे मैं होंवा, आजा तैंनू अखिया उडिक दियां दिल वाजा मारदा, आजा नच लै गीत गाकर लोगों को मदहोश कर दिया।
पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में डीआईजी मंडी मधुसुदन ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत रूप से आगाज किया। इससे पहले सूरजमणी ने शहनाई की मंगल ध्वनि से कार्यक्रम का आगाज किया। उसके बाद मंडी की बाल कलाकार प्रज्ञा बहल ने अम्मा पूछदी सुण धीए मेरी ए दुबली तु किया करी होई हो, ऐसी दिवानगी देखी नहीं कहीं, नरेंद्र निटू ने पैहला पैहला प्यार हो गया, खुशबू ने चिट्टा तेरा चोला काला डोरा, दीक्षित आर्य, एसीई डांस एकेडमी और राजेश ने डांस, मंडी के तरुण कौशल ने सैयो नी, कांगड़ा के मनीषा ने माही वे मुहब्बता सच्चियां ने, कांगड़ा की श्वेता ने पूछो जरा पूछो मुझे क्या हुआ है गाने से लोगों का दिल लूटा।
इस अवसर पर नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कार्पोरेशन मंडी की तरफ से प्रादेशिक परिधानों में ग्रामीण परिवेश की युवतियों ने मंच पर कैटवॉक किया। मंडी की मीना ने धारा पांदे लागो कुपड़ी मामा गिंदुवा रो खेला, कुल्लू के हेमराज ने छुपाना भी नहीं आता, तारे गिन-गिन याद च तेरी, कुलभूषण ने काली काली जुल्फों के फंदे डालो हमें जिंदा रहने दो, हमीरपुर के अच्छर सिंह, रीता शर्मा, महिला मंडल पधियूं, मीनाक्षी चौहान, बीएस भारद्वाज, दुर्गा दास, हीरा देवी थुनाग, तृप्ता चौहान, शिमला के राजेंद्र चौहान, मंडी के अखिलेश, शिमला के चेतराम, करसोग की लता ठाकुर, मंडी के राजेश, नटराज डांस अकादमी मंडी, ऊना की रज्जिया, शिमला की सारिका जैक ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।