मंडी। पड्डल मैदान में जारी मांडव्य उत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में लोक गायिका ममता भारद्वाज की सुरीली आवाज का जादू शहरवासियों के सिर चढ़ कर बोला। उनके मंडी रीये बांकी छोरिये गीत पर दर्शक बेकाबू होकर झूमे। इससे पहले जोनी ठाकुर, दीपक जनदेवा, शालू धीमान ने भी सांस्कृतिक संध्या में खूब रंग जमाया। पड्डल मैदान में आयोजित उत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। करीब साढ़े आठ बजे सांस्कृतिक संध्या की स्टार कलाकार ममता भारद्वाज ने मंच संभाला।
ममता भारद्वाज ने बिलो रानी, मैं ता जीया, घागरा, उड़ी उड़ी डाली डाली, झिकड़े धोणे बोला, म्हारे देशा रा दिल गीत पेश कर खूब वाहवाही लूटी। इक मुंडा पंजाबी, जिदे नैण शराबी गीत पेश करते ही पंडाल में युवा बेकाबू हो उठे। दर्शकों की फरमाइश को भी ममता भारद्वाज ने पूरा किया।
इससे पहले कुल्लू के लोक गायक दीपक जनदेवा ने तू शूण तारा लाड़िये, कोखे तू होली जूरिये, जेबे हांडदी बेगमा पतली कूहला सड़का, गाकर पहाड़ी माहौल बना दिया। इसके अलावा हिंदी व पंजाबी गीतों से भी खूब मनोरंजन किया। इससे पहले प्रदेश की मशहूर लोक गायिका जानी ठाकुर ने माही वे मोहब्बता, मत छेड़ सावरिया पाप लगे, तुम सामने बैठो, तेरा मेरा प्यार अड़िए, आजा ड्राइवरा, इस गरायें देया लंबड़ा , कोयल बोले कू कू आदि गीत पेश कर दर्शकों को खूब नचाया।
शिमला की रहने वाली लोक गायिका शालू धीमान ने सुनो न सरंगमरमर, कोई मिल गया, पहाड़ी नाटिया ओबे लालिए, इसा गराएं दे या लंबड़ा हो इन्हा छोरूआ जो देया समझाई गीत पेश कर अपनी दमदार प्रस्तुति दी।
वहीं, अरुणोदय स्कूल के बच्चों, आईटीआई मंडी की प्रशिक्षुओं ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर नगर निगम के महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा, नगर आयुक्त रोहित राठौर, सह आयुक्त विजय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।