सराज घाटी के थुनाग में नाले के पानी को रिहाशी मकान में घुसने से रोकते हुए परिवार के सदस्य व राहत कर
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मंडी/थुनाग। जिले में बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़कों पर सफर जोखिम भरा हो चुका है। शनिवार को दिन भर मौसम खराब रहा। भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली एनएच सात मील के पास दोपहर 12 से दो बजे तक दो घंटे के लिए बाधित रहा।
इससे यात्रियों को परेशानी हुई। जिले में कई जगह तेज बारिश का पानी घरों और दुकानों में जा घुसा। इससे नगदी फसलों को भी नुकसान हुआ है। शनिवार दोपहर दो बजे थुनाग बजार के साथ लगते खमरार नाला उफान पर आ गया। थुनाग बाजार के साथ लगते अजय कुमार और गुलाब सिंह के घरों में पानी और मलबा घुस गया। इससे घर रखा कीमती सामान को नुकसान पहुंचा है।
वहीं तुलाराम पुत्र कन्यारू गांव खमरार का ग्रीन हाउस बारिश में ध्वस्त हो गया। किसान चुन्नी लाल की आलू की फसल, राम सिंह की फूलगोभी और सेब के कई पौधे बाढ़ की चपेट में आने से तबाह हो गए। तुलेराम ने परिवार के पालन-पोषण करने के लिए ग्रीन हाउस लगाया था। उन्होंने इस पर करीब पांच लाख रुपये का निवेश किया। बाढ़ आने से पॉलीहाउस ध्वस्त हो गया। बैहना में फोरलेन के निर्माण के चलते एक मकान में दरारें आ गईं। डीसी अरिंदम चौधरी का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। नियमानुसार राहत दी जाएगी।
सड़क के निर्माण में बरती जा रही कोताही
थुनाग (मंडी)। खमरारनाला उफान पर है। लोगों का आरोप है कि रैनगलू हेलीपैड से तांदी गांव के लिए सड़क का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। मलबा नाले के किनारे फेंका जा रहा है। बारिश के पानी से मलबा लोगों के घरों में घुस रहा है। 2009 में भी यह नाला काफी तबाही मचा चुका है। लोग इससे सहमे हुए हैं।