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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : अभी नहीं हुई है देरी, बूस्टर डोज लगवाएं

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Amar Ujala Health Campaign: There is no delay yet, get a booster dose
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मंडी। केंद्र और राज्य सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना जैसे जानलेवा संक्रमण से बचाने वाला बूस्टर डोज का सुरक्षा चक्र जिले में मजबूत नहीं हो पाया है।
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अभी तक मंडी में 63,437 लोग ही बूस्टर डोज लगाने के लिए आए सामने हैं। 60 साल से ऊपर 75,000 और 21,000 फ्रंटलाइन वर्करों ने अभी तक बूस्टर डोज का फायदा नहीं उठाया है। ऐसे में चिकित्सकों ने अमर उजाला अभियान से जुड़कर साठ साल से अधिक उम्र के लोगों और फ्रंटलाइन वर्करों को बूस्टर डोज लगाने की अपील की है। कोरोना का नया वैरिएंट चौथी लहर में घातक हो सकता है। उपायुक्त अरिंदम चौधरी का कहना है कि इसके लिए सघन अभियान छेड़ा जाएगा। हर वर्ग की जिम्मेदारी तय कर वैक्सीनेशन अभियान केे आगे बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी।
ब्लॉक पहली डोज दूसरी डोज बूस्टर डोज
बगसैड (गोहर) 55641 53454 2185
बलद्वाड़ा 75436 72702 12634
जंजैहली 64853 56198 1329
करसोग 79314 73620 2796
कटौला 56628 55401 2515
कोटली (रिवालसर) 60631 57509 5764
लडभड़ोल 51392 48183 4050
पधर 69609 66254 4438
रत्ती 88665 85984 8589
रोहांडा(चौकी) 100370 99174 7415
संधोल(धर्मपुर) 63201 58877 7254
मंडी अर्बन 32704 32683 4468
कुल 798444 760039 63437
कोरोना वायरस का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसके नए वैरिएंट खतरा बने हैं। बूस्टर डोज लगने से पर्याप्त एंटीबॉडी बनेंगी जो वायरस से मुकाबला करेंगी। ऐसे में बूस्टर डोज लगवाने की स्वास्थ्य महकमा अपील कर रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में काफी जनहानि हुई। वैक्सीन लगने से तीसरी लहर में कोरोना वायरस प्रभावी साबित नहीं हुआ। अभी कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बूस्टर डोज से वंचित न रहें।
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डॉ. दिनेश ठाकुर, एमओएच क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
जो लोग वैक्सीनेशन से छूटते हैं वह इसका महत्व समझते हुए इसे एहतियात खुराक समझ कर जरूर लगवाएं। मंडी जिला में शत-प्रतिशत टीकाकरण होने के चलते अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की दर में कमी आई है। लोगों की जागरूकता से कोरोना की तीसरी लहर की गंभीरता भी कम हुई है। कुछ लोग अब भी बूस्टर डोज को लेकर भ्रमित हो रहे हैं। एहतियाती खुराक से इम्युनिटी और प्रभावशाली होगी। सभी बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।
डॉ. अनुराधा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
कोविड काल में लोगों को संक्रमण से बचाने और उनका वैक्सीनेशन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने दिन रात काम करके शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन करवाया है। जरूरतमंद लोगों को राशन, भोजन और दवाईयां पहुंचाई हैं। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ समेत स्वयंसेवी संस्थाओं ने संक्रमितों के साथ रह कर बेहतर उपचार देकर उन्हें स्वस्थ किया है। आज दोनों वैक्सीन लेने के बाद दोबारा से लोगों को चौथी लहर से बचाने के लिए सरकार और
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
डॉ. सोनाली, गायनी विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर
कोरोना काल में जब सैकड़ों लोग संक्रमण की चपेट में आए उस दौरान स्वास्थ्य विभाग के लिए लोगों की सुरक्षा किसी चुनौती से कम नहीं थी। उस पर वैक्सीनेशन के प्रति लोगों में फैली भ्रांतियों को लोगों के मन से मिटाना बहुत मुश्किल था। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से यह सब संभव हो पाया। लोग भ्रांतियों में न आकर बूस्टर डोज अवश्य लगवाएं। इसके कोई दुष्परिणाम नहीं है। कोरोना का कोई स्थायी इलाज नहीं है। केवल टीकाकरण ही एक मात्र बचाव है।
डॉ. एके सिंह, बीएमओ संधोल
पहले चरण में लोगों ने वैक्सीन लगाने के लिए जो उत्साह दिखाया था वह काफी हद तक दूसरे चरण में भी देखने को मिला। महामारी की रफ्तार थमने के बाद लोग लापरवाह हो गए हैं। अस्पतालों में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और फ्रंटलाइन वर्करों को प्राथमिकता आधार पर बूस्टर डोज लगाई जा रही है। अब फ्रंट लाइन वर्कर भी वैक्सीन लगाने को आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से कोरोना ने रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। इससे बचने के लिए लोगों को स्वयं बूस्टर डोज लगाने के लिए आगे आना होगा। परिजनों, मित्र-बंधुओं को भी प्रेरित करना होगा।
डॉ. अविनाश, बीएमओ, रोहांड़ा सुंदरनगर
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पधर खंड में टीकाकरण को लेकर सभी विभागीय कार्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को एहतियातन बूस्टर डोज उपलब्ध करवा रही है। एसडीएम, तहसील, जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग कार्यालयों समेत स्कूलों-कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में टीकाकरण किया है। यह अभियान लगातार जारी है। विभागीय टीम इस दिशा में बेहतर काम कर रही है। स्वास्थ्य खंड के अधीन कोविड का कोई मामला नहीं है। चौथी लहर से बचने के लिए सभी को बूस्टर डोज लगवाने में आगे आना जरूरी है।
डॉ. विनय ठाकुर, मेडिकल ऑफिसर पधर
कोरोना संक्रमण को हल्के मेें न लें, क्योंकि इस रोग का स्थायी उपचार नहीं है। केवल टीकाकरण और बूस्टर डोज ही एकमात्र बचाव है। दो टीके लगने के बाद सभी को बूस्टर डोज लगाना जरूरी है। कब, कौन, कहां संक्रमण की चपेट में आ आए कोई पता नहीं चलेगा। 4 से 8 दिन में लक्षण आने पर इसका पता चलने पर बुखार, खांसी, बदन दर्द, गले में दर्द होना महसूस होगा। इससे पहले की कोई चपेट में आए शीघ्र अस्पतालों में पहुंच कर बूस्टर डोज लें।
डॉ. दिनेश शर्मा, प्रो रेडियोजॉलिस्ट धर्मपुर
लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए बूस्टर डोज लगाने को लेकर जगह-जगह जागरूक किया जा रहा है। स्थिति सामान्य हो जाने पर लोगों का लापरवाह होना कोरोना को बढ़ावा देने में मुख्य कारण माना जा रहा है। अस्पताल में जितने भी लोग आ रहे हैं उनका कोविड टेस्ट करवाने पर जोर दिया जा रहा है। लोगों की लापरवाही से एक बार फिर बंद किए कोविड अस्पताल खोले जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग और सरकार लोगों से बार-बार बूस्टर डोज लगवाने की अपील कर रही है। जिस किसी को भी बुखार या खांसी के लक्षण हों वह अस्पताल में जांच करवाए।
डॉ. पन्ना लाल, स्वास्थ्य अधीक्षक मेडिकल कॉलेज नेरचौक मंडी
जो वैक्सीन 12 से 15 और 15 से 18 साल के बच्चों को लग रही थी, उसका समय केवल 9 माह तक था। अब उसे 6 महीने कर दिया है। चौथी लहर की आशंका को देखते हुए जगह-जगह लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। जहां कहीं से भी विभाग को वैक्सीनेशन की मांग की जा रही है, वहां पहुंच कर टीम लोगों को बूस्टर डोज लगा रही है। इसलिए सभी लोगों से निवेदन है कि मास्क जरूर पहननें। बूस्टर डोज लगाने के लिए स्वयं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी जागरूक करें।
डॉ. केआर शर्मा, बीएमओ, रत्ती नेरचौक
लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए सराज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने 5 केंद्र स्थापित किए हैं। यहां प्रतिदिन लोगों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी। लोग टीकाकरण के लिए आगे आने में आनाकानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, आशा वर्कर, हेल्थ वर्कर और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को फोन करके भी बूस्टर डोज लगवाने के बारे में प्रेरित किया जा रहा है। जागरूकता कैंप भी लगाए जा रहे हैं। लोगों को बूस्टर से घबराने की जरूरत नहीं है। जिस तरह पहली और दूसरी डोज से कोई नुकसान नहीं हुआ उसी तरह बूस्टर भी सुरक्षा कवच है।
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डॉ. पुष्पराज, खंड चिकित्सा अधिकारी, जंजैहली
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