जोगिंद्रनगर में पीलिया ने जकड़े लोग, प्रशासन ने विभागों से मांगा जवाब
पंचायत प्रतिनिधियों से पेयजल स्रोतों में सुधार करने को लेकर बीडीओ को जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में पीलिया ने लोगों को जकड़ लिया है। लगातार बढ़ रहे मामलों के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने इस संबंध में संबंधित विभागों से भी लिखित तौर पर जवाब मांगा है। एसडीएम कार्यालय से पत्राचार कर उपमंडल के सभी पंचायत प्रतिनिधियों से पेयजल स्रोतों में सुधार करने को लेकर भी बीडीओ को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में पानी के दूषित होने के बाद जलजनित रोगों की चपेट में आने से लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए पानी के सैंपलों के परीक्षण की जांच भी तेज हुई है। हालांकि, अभी तक अस्पताल में उपचाराधीन पीलिया के अधिकांश मरीजों में हेपेटाइटिस ए और बी के लक्षण मिले हैं। इसमें दूषित भोजन के सेवन से भी इन लोगों के बीमारी की चपेट में आने की पुष्टि हुई है। वहीं, कुछ मामलों में दूषित पानी का सेवन भी पीलिया का कारण माना गया है। अस्पताल के सभी रोगी वार्डों में दाखिल वायरल फीवर, हेपेटाइटिस, उल्टी दस्त के मरीजों के अलावा पीलिया के मरीज अधिक बताए जा रहे हैं। इन्हें अस्पताल में उपचार दिलाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे सेवाएं दे रहा है।
एसडीएम मनीश चौधरी ने बताया कि मानसून सीजन में जलजनित रोगों के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने पर जलशक्ति विभाग से भी पत्राचार किया गया है। बीडीओ को लिखित तौर पर पंचायतों में अधिकृत प्राकृतिक स्रोतों में पानी की गुणवत्ता की जांच और सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के साथ जल भंडारण टैंकों में क्लोरीन की मात्रा बढ़ाने के भी आदेश जारी किए हैं।
रोगी वार्ड फुल, एक बिस्तर में दो-दो मरीज
शुक्रवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में फिर जलजनित रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ जाने पर इन्हें आईपीडी में उपचार दिलाना भी चुनौतियों भरा रहा। ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं महिला और पुरुष रोगी वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ जाने के बाद आपातकालीन वार्ड के एक बिस्तर में दो-दो मरीजों को उपचार दिलाना पड़ा। टेस्ट के लिए मरीजों की भीड़ भी दोगुना रही। उधर, एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए प्रबंधन प्रतिबद्ध है।