नेरचौक (मंडी)। नेरचौक में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में जांच आगे बढ़ने पर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि एक मामले में सजा से बचने के लिए मुख्य गवाहों पर दबाव बनाने के लिए यह षड्यंत्र रचा जा रहा था।
महिला शिकायतकर्ता भूमिगत हो गई है, जिसे तलाश करने के लिए पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर दबिश दी है। एक अन्य व्यक्ति को भी पुलिस दिन-रात ढूंढ रही है। पुलिस टीम को यकीन है कि उसके मिलते ही सारी गुत्थी सुलझ जाएगी।
सब इंस्पेक्टर मदन लाल, हेड कांस्टेबल रामचंद्र, नोडल राकेश दिन रात पंजाब में पसीना बहा रहे हैं। अब शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर नेटवर्क के बाहर आ रहा है। जमानत की अर्जी खारिज हो गई थी, जबकि इसके लिए दंपती ने आवेदन नहीं किया था। इस मामले में एक व्यक्ति ने दो अधिवक्ताओं को 25 हजार रुपये बेल लगाने को दिए थे। इस व्यक्ति की भी पुलिस तलाश कर रही है। शिकायतकर्ता ने जिस दंपती पर आरोप लगाए हैं, उन दोनों के लिए दो-दो सिक्योरिटी गार्ड दिए गए हैं। सभी ने छानबीन कर रही टीम को बताया कि रेह लोग कभी मंडी आए ही नहीं हैं।
उम्रकैद काट रहे एक व्यक्ति का नाम भी इस घटनाक्रम में सामने आ रहा है। स्वयं को पीड़िता बताने वाली महिला इस साजिश का हिस्सा बताई जा रही है। फिलहाल सारी घटना महिला की ओर से काल्पनिक रचाई गई दिख रही है। पुलिस पंजाब में अभी भी छानबीन कर रही है।