जोगिंद्रनगर(मंडी)। उपमंडल के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खंडहर हो चुके सरकारी भवन बरसात में खतरनाक साबित हो सकते हैं। दशकों पुराने जर्जर भवनों में अभी भी गतिविधियां चल रही हैं।
उपमंडलीय अस्पताल का जर्जर हो चुके स्पेशल वार्ड में 108 एंबुलेंस कर्मी और सुरक्षा कर्मी रहते हैं, जो खौफ के साये में ड्यूटी देने के लिए मजबूर हैं। पुलिस थाना जोगिंद्रनगर की बस्सी स्थित पुलिस चौकी का 50 साल पुराना भवन भी खस्ताहाल है। यहां पर पुलिस के कई जवान दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं। दशकों पुराने इस जर्जर भवन की दीवारों में दरारें साफ दिखती हैं। छत भी खस्ताहाल है। वहीं राजस्व विभाग के कई असुरक्षित पटवार खानों में भी सरकारी कामकाज अभी भी जारी है।
तहसील कार्यालय की छत से रिसाव, आवास खस्ताहाल
जोगिंद्रनगर तहसील के कार्यालय के कुछ कमरों में बारिश के पानी का रिसाव होता है। इससे सरकारी रिकॉर्ड को भी नुकसान हो रहा है। तहसील कार्यालय के सरकारी आवास भी बदहाल हैं। इनकी छतों से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने के लिए इन दिनों तिरपाल का सहारा लेना पड़ रहा है। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय के मुख्यद्वार पर राजस्व विभाग का बहुमंजिला भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है। इसे गिराने के आदेश प्रशासन ने जारी कर दिए हैं लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हो पाई है।
बाल पाठशाला जोगिंद्रनगर के 14 कमरे असुरक्षित
वर्ष 1940 में काष्ठ शैली के बने बाल पाठशाला जोगेंद्रनगर के भवन के 14 कमरे प्रशासन ने असुरक्षित घोषित किए हैं। मिट्टी की दीवारों से बने दो मंजिला भवन के कभी भी गिरने की आशंका बनी रहती है। बरसात को देखते हुए स्कूल में छुट्टियां हैं लेकिन अवकाश खत्म होते ही इस पुराने भवन में भी शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएगी। अभिभावकों ने इस असुरक्षित भवन को गिराने की मांग स्थानीय प्रशासन से की है।
जिन खस्ताहाल सरकारी भवनों में गतिविधियां चल रही हैं वहां का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी ताकि कोई भी हादसा न हो। जोगिंद्रनगर उपमंडल के असुरक्षित घोषित भवनों को जल्द गिराने के आदेश जारी किए हैं। असुरक्षित भवनों में सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
डॉ. मेजर विशाल शर्मा, एसडीएम जोगिंद्रनगर।